/सपा सरकार ने ज़ारी किया सैफई महोत्सव पर तानाशाही भरा फरमान…

सपा सरकार ने ज़ारी किया सैफई महोत्सव पर तानाशाही भरा फरमान…

उत्तर प्रदेश में जारी सैफई महोत्सव को लेकर उठ रहे विवाद और अखिलेश सरकार को इससे हो रहे नुकसान को काबू करने के लिए समाजवादी पार्टी सरकार ने अब तानाशाही भरा नया फरमान ज़ारी किया है. लेकिन यह फरमान उसका फायदा कम और नुकसान ज्यादा कर सकता है. दरअसल, इटावा के डीएम ने सैफई महोत्सव में टीवी कैमरों पर पाबंदी लगा दी है. अब कोई भी कैमरा लेकर भीतर दाखिल नहीं हो सकता.saifai

सैफई समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का गांव है. यह इटावा का हिस्सा है. यह इलाका जसवंत नगर विधानसभा सीट और मैनपुरी लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है. गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर में शिविरों में रहने वाले लोगों की ठंड से मौत को लेकर बवाल मच गया और दूसरी तरफ सैफई महोत्सव में मसरूफ यादव परिवार पर सवाल खड़े किए गए थे.

हालांकि, इस पर सफाई देते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि इसे लेकर बेकार की बखेड़ा नहीं करना चाहिए. उनका कहना है कि दंगा पीड़ितों के लिए तमाम इंतजाम किए गए हैं, जबकि सैफई महोत्सव का आयोजन सपा सरकार नहीं, बल्कि अलग कमेटी करती है और वहां भी गरीबों की दुकान-खोमचे चल रहे हैं, ऐसे में आलोचना नहीं होनी चाहिए.

mulayam in saifai mahotsavइस बीच मीडिया कवरेज पर पाबंदी लगाने का फैसला भी सपा के खिलाफ जा सकता है. बुधवार को सैफई में बॉलीवुड स्टार सलमान खान और माधुरी ‌दीक्षित का कार्यक्रम होना है. और मीडिया पहले से इसे लेकर खबरें चला रहा था.

बुधवार को सैफई महोत्सव का समापन समारोह है. बॉलीवुड स्टारों के ठुमकों का जलवा, कॉमेडी का तड़का, फिल्मी डायलॉग और रॉक परफार्मेंस से सैफई की रात को चकाचौंध होना है.

महोत्सव में शामिल होने के लिए सिर्फ उत्तर प्रदेश से ही नहीं देश के अन्य प्रदेशों से भी मेहमान पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार शाम को ही सपरिवार सैफई पहुंच गए. सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव भी इस समारोह में पहुंच सकते हैं.

सवा लाख वाट के म्यूजिक सिस्टम का धूम धड़ाका, ढाई लाख वाट की स्टेज लाइट की चमक के बीच बॉलीवुड स्टारों की परफार्मेंस दर्शकों को स्वप्नलोक में होने का अहसास कराएगी.

हॉट स्टार रणबीर कपूर अपने मसल्स और एक्टिंग से दर्शकों को वाह-वाह करने पर मजबूर करेंगे तो दीपिका पादुकोण के ठुमके मदहोश करेंगे. बिग बॉस सलमान खान दबंगई दिखाएंगे तो धकधक गर्ल दीवाना बनाएंगी.

एलीना डिक्रूज की नाजुक अदाएं प्रेमी दिलों को आह करने पर मजबूर करेंगी. बिग बॉस फेम सना खान, नवोदित स्टार आलिया भट्ट भी हॉट परफार्मेंस से पंडाल का माहौल और रंगीन करेंगी.saifai mahotsav

रणवीर सिंह स्मृति सैफई महोत्सव के समापन समारोह में शरीक होने प्रदेश के कई मंत्रियों के अलावा दूसरे प्रदेशों से भी खास मेहमान आ रहे हैं. सैफई और इटावा के सभी सरकारी डाक बंगलों के अलावा होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं हाउसफुल हो चुकी हैं.

रविवार की रात नौटंकी कार्यक्रम के बीच हुए बवाल और तोड़फोड़ पर सतर्क हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बहुत सख्त कर दी है. अराजकतत्वों पर नजर रखने के लिए पंडाल में अंदर और बाहर 36 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.

सुरक्षा व्यवस्था में दो पुलिस अधीक्षक, चौदह एडिशनल एसपी, 35 सर्किल ऑफिसर, पांच थानाध्यक्ष, 260 सब इंस्पेक्टर, 1100 सिपाही सहित 80 महिला सिपाही तैनात रहेंगी.

कार्यक्रम में अराजकता न हो इसके लिए एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स भी लगाई जाएगी. पांच कंपनी पीएसी और एक कंपनी (रैपिड रिस्पांस फोर्स) आरआरएफ तैनात रहेगी.

यूपी के सीएम अखिलेश यादव की निगाहें अपने गांव सैफई पर बहुत मेहरबान हैं. सरकार बनने के बाद से अब तक वे सैफई को 334 करोड़ की सौगात दे चुके हैं जबकि यूपी के हजारों गांव अभी भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. सैफई में पांच करोड़ रुपये की लागत से एक स्पोर्ट्स कॉलेज बनाए जाने की योजना है.

यह कक्षा छह से कक्षा 12 तक के लड़कों के लिए होगा जो 71.25 एकड़ में बनाया जाएगा. इसमें एक हॉस्टल भी होगा, एथलेटिक ट्रैक होगा, स्वीमिंग पूल होगा, फुटबॉल, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल के कोर्ट होंगे, साथ ही एक इनडोर हॉल और एक मल्टी-पर्पस हॉल भी होगा.

3.11 करोड़ की लागत से एक टूरिज़्म कॉम्पलेक्स बनाए जाने की योजना है. 42 करोड़ रुपये की लागत से एक ट्रॉमा और बर्न सेंटर बनाया जा रहा है. इस सेंटर के निर्माण की जिम्मेदारी पिछले साल उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को दी गई थी. 103.21 करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए स्विमिंग पूल्स बनाए जाना कैबिनेट द्वारा नवंबर 2012 में स्वीकृत किया गया था.

(अमर उजाला)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.