/केजरीवाल बोले कि पहले बिन्नी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ले, फिर दे दूंगा जवाब…

केजरीवाल बोले कि पहले बिन्नी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ले, फिर दे दूंगा जवाब…

लोक सभा टिकट को लेकर विधायक विनोद कुमार बिन्नी से जारी तू-तू, मैं-मैं पर बोलते हुए बुधवार की शाम पार्टी मुखिया केजरीवाल ने कहा कि पहले बिन्नी के के उनके ऊपर क्या-क्या आरोप हैं, वे प्रेस कान्फ्रेंस आयोजित कर लगा लें उसके बाद मैं उनके जवाब दूंगा. दूसरी तरफ बिन्नी ने कहा कि वे केजरीवाल सरकार के खिलाफ अनशन करेंगे.kejriwal-binny

इससे पहले, पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मीनगर से आप के विधायक विनोद कुमार बिन्नी ने कहा कि जिन मुद्दों पर सरकार बनाई गई थी, उससे भटकाव आ गया है. बिन्नी के बागी तेवर पर पार्टी ने सख्त रुख अपना लिया है और कहा है कि उनसे अब कोई बात नहीं होगी.

इसके साथ ही पार्टी सदस्य टीना शर्मा ने भी पार्टी और केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है. पार्टी के प्रदर्शन से नाराज टीना ने कहा कि ‘आप’ की सरकार काम करने के बजाय लोकसभा चुनाव पर अधिक ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि सिर्फ लोगों से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं मगर उनकी समस्या का निदान नहीं हो रहा है.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि बिन्नी पहले मंत्री का पद मांग रहे थे और अब लोकसभा चुनाव के लिए टिकट मांग रहे हैं. इसके जवाब में बिन्नी ने कहा कि केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं. इससे पहले, आम आदमी पार्टी के विधायक विनोद कुमार बिन्नी की ओर से बगावती सुर सुनाई देने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनपर पलटवार करते हुए कहा कि बिन्नी को पार्टी ने लोकसभा टिकट देने से मना कर दिया है, इसलिए वे नाराजगी जता रहे हैं.

बिन्नी ने ‘आप’ पर आरोप लगाए हैं कि वह आम जनता से छल कर रही है. इस पर आप में हाल ही शामिल हुए टीवी पत्रकार आशुतोष ने पलटवार करते हुए कहा कि अब रूठने और मनाने का खेल बंद होना चाहिए. पार्टी में लालच और महत्वाकांक्षाओं से भरे लोगों की कोई जरूरत नहीं है.

बिन्नी ने कहा कि पार्टी मुद्दों से भटक रही है. वह अब जनता के हित के बारे में नहीं सोच रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने जनता से जो वादे किए थे वह उससे मुकर रही है. पार्टी अपने वादों से पीछे हट रही है. उन्होंने बताया कि कल वे इस मामले को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस भी करेंगे.

इससे पहले मंत्रीपद को लेकर पार्टी के साथ हुई खींचतान पर उन्होंने कहा कि वे कभी भी मंत्री बनने के लिए पार्टी में शामिल नहीं हुए थे. वे तो बस काम करने के लिए यहां आए थे. उन्होंने कहा कि 15 दिन पहले पार्टी की जो स्थिति थी वह आज भी है. सिर्फ कहने से बदलाव नहीं होते करना पड़ता है.

गौरतलब है कि जब केजरीवाल सरकार का गठन हो रहा था उस वक्त भी बिन्नी के साथ पार्टी के मतभेद सामने आए थे. कहा गया था कि बिन्नी सरकार में मंत्रीपद नहीं मिलने पर वे नाराज हो गए थे. हालांकि बाद में बिन्नी ने साफ किया था कि ऐसा कुछ भी नहीं है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.