/सरकार मुझसे अपराधियों जैसा बर्ताव कर रही है – बाबा रामदेव

सरकार मुझसे अपराधियों जैसा बर्ताव कर रही है – बाबा रामदेव

बाबा रामदेव ने सफाई दी है कि उन्‍होंने या उनके ट्रस्‍ट ने कोई गलत काम नहीं किया है। उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें अभी तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से कोई नोटिस भी नहीं मिला है। योग गुरू ने कहा कि वह झांसी से दूसरे चरण की भारत स्‍वाभिमान यात्रा शुरू करने जा रहे हैं।

सरकारी सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबरें आ रही हैं कि बाबा रामदेव के खिलाफ फेमा के तहत केस दर्ज किया जा रहा है और उनके ट्रस्‍ट से जुड़ी कंपनियों को प्रवर्तन निदेशालय ने नोटिस भी भेजा है। पर बाबा ने इन खबरों को गलत बताया।

बाबा ने कहा कि दिव्य फार्मेसी ने जो भी सामान या औषधियां विदेशों में भेजी हैं उसमें किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है। उन्‍होंने यह भी साफ किया कि उनका या उनके किसी भी ट्रस्ट का किसी भी कंपनी के साथ कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्‍होंने मीडिया में ‘बाबा रामदेव की कंपनियां’ लिखे-बताए जाने पर भी आपत्ति पेश की। उन्‍होंने कहा-  मैं साफ कर देना चाहता हूं कि पतंजलि ट्रस्ट कोई कंपनी नहीं है।
बाबा ने कहा कि पिछले बीस वर्षों से हमने पूरी प्रमाणिकता के साथ जनसेवा की है। जन्म से लेकर आज तक मैंने न तो एक रुपये की भी चोरी या हेराफेरी नहीं की है। न ही मेरे नाम से एक भी रुपया जमा है और नही एक भी इंच जमीन मेरे नाम है। उन्‍होंने कहा कि ये सब जो चल रहा है इसके पीछे सरकार की बहुत बड़ी साजिश है।

(भास्कर में छपी खबर पर आधारित)

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.