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आप के चार विधायकों को तोड़ने की फिराक में है भाजपा….

By   /  January 16, 2014  /  5 Comments

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-पूनम पाण्डे||

आम आदमी पार्टी के विनोद कुमार बिन्नी समेत चार विधायक बीजेपी के टच में हैं. ये आप से नाराज हैं और बीजेपी के दो नेताओं के संपर्क में हैं. हालांकि बीजेपी नेता इस बात से इनकार कर रहे हैं कि उन्होंने खुद आप विधायकों से संपर्क किया. सूत्रों के मुताबिक आप के तीन विधायक पहले से ही बीजेपी के कुछ नेताओं से व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क में थे. आप में बगावत के बाद भी बीजेपी लोकसभा चुनाव तक शांत रहने की रणनीति पर चल रही है. लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद दिल्ली की सियासत में उथलपुथल होने की संभावना है.Vinod-Kumar-Binny-AAP

सूत्रों के मुताबिक, बिन्नी ने जब मंत्रिमंडल गठन के वक्त विरोधी सुर उठाए थे, तब से वह बीजेपी के कुछ नेताओं के संपर्क में हैं. बिन्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जो खुलासा करने की बात की थी, वह खुलासा भी बीजेपी नेता नितिन गडकरी कर चुके हैं. बिन्नी उस वक्त आप और कांग्रेस में एक बड़े बिजनसमैन की मदद से हुई कथित डील का ही खुलासा करने वाले थे, लेकिन उस वक्त उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट देने का वादा कर शांत कराया गया.

बीजेपी सूत्रों ने बताया कि बिन्नी के अलावा वेस्ट दिल्ली से आप के दो विधायक भी बीजेपी नेताओं के संपर्क में हैं. वे बीजेपी नेताओं से मिलकर आप को लेकर अपनी नाराजगी का इजहार कर चुके हैं. बहुत मुमकिन है कि बिन्नी के बाद ये भी बगावती सुर अख्तियार कर लें. वे अपनी पार्टी छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन पार्टी के भीतर रहकर ही उनकी मुश्किल बढ़ा सकते हैं. इनके अलावा एक और आप विधायक बगावत कर सकते हैं. ये विधायक बिन्नी के काफी करीबी हैं.

बीजेपी के एक सीनियर नेता ने कहा कि लोकसभा चुनाव तक बीजेपी शांत रहेगी. आम आदमी पार्टी में इतनी उथलपुथल हो रही है कि किसी को बाहर से कुछ करने की जरूरत नहीं है. बीजेपी नहीं चाहती कि किसी भी तरह उस पर यह इल्जाम लगे कि वह आप के लिए दिक्कतें पैदा कर रही है, क्योंकि ऐसा होने पर लोकसभा चुनाव में इसका गलत असर पड़ सकता है.

लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी, आप के खिलाफ अपनी रणनीति पर अमल कर सकती है. लोकसभा चुनाव के बाद अगर दिल्ली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया तो आप के बिन्नी समेत चार विधायक वोटिंग से नदारद रह सकते हैं.

((नभाटा)

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  • Published: 4 years ago on January 16, 2014
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  • Last Modified: January 16, 2014 @ 6:46 pm
  • Filed Under: राजनीति

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

5 Comments

  1. Ashok Gupta says:

    DEKHO UTH KIS KARVAT BETHATA HAI

  2. mahendra gupta says:

    यह तो होना ही है सभी दलों की प्रकर्ति में यह समाया हुआ है. आज कांग्रेस के पास इतने विधायक होते तो वह आप कि सरकार बनाने की नौबत ही न आने देते..वे भी मज़बूरी में खून का घूँट पिए बैठे हैं.भारतीय राजनीती का यह दलबदल का दोष इसे विषाक्त किये हुए है.देखो लोकसभा चुनाव तक या उसके बाद क्या होता है.

  3. यह तो होना ही है सभी दलों की प्रकर्ति में यह समाया हुआ है. आज कांग्रेस के पास इतने विधायक होते तो वह आप कि सरकार बनाने की नौबत ही न आने देते..वे भी मज़बूरी में खून का घूँट पिए बैठे हैं.भारतीय राजनीती का यह दलबदल का दोष इसे विषाक्त किये हुए है.देखो लोकसभा चुनाव तक या उसके बाद क्या होता है.

  4. ASHOK SHARMA says:

    पुराने काम पर भाज पा नेता ओं की खरीद्परोख्त करना शुरू [बी जे पी मै ज्यादातर नेता इम्पोर्ट किये ही नेता है उसके पास अपने नेताओ की कोई शोच और दिसा कुछ भी नहीं

  5. Ashok Sharma says:

    neta import karna b.j.p ka dhanda hai

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