Loading...
You are here:  Home  >  मीडिया  >  मनोरंजन  >  Current Article

जया बच्चन ने खोले अमिताभ के अन्जान राज..

By   /  January 30, 2014  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने अपने पति और बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के बारे में ऐसे कई खुलासे किए हैं, जिनसे दुनिया अभी तक अनजान थी. जया ने यह खुलासे समाजवादी पार्टी के सांसद रहे बृजभूषण तिवारी के जीवन पर लिखी एक किताब में किए हैं.jaya-amitabh
लेखक राधेकृष्ण द्वारा लिखी इस किताब में जया ने खुलासा किया कि अमिताभ बच्चन को सपा नेतृत्व ने 2004 और 2009 मे लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया. जया के मुताबिक, ‘समाजवादी पार्टी ने उनके पति को किसी भी सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था, फिर भी अमिताभ इस चुनाव लड़ने के लिए राजी नहीं हुए. बिग बी को दो बार राज्यसभा भेजने के प्रस्ताव भी आए, लेकिन उन्होंने इन प्रस्तावों को भी नकार दिया.’
जया ने इस किताब में यह भी बताया कि बोफोर्स मामले के आरोपों से अमिताभ इतने आहत हुए थे कि उन्होंने परिवार पर कोई आंच नहीं आने की शर्त पर उन्हें राजनीति में आने की अनुमति दी थी.
जया ने यह भी बताया कि बोफोर्स के आरोपों से अमिताभ आहत होकर बहुत रोए थे. उन्होंने बताया, ‘अखबारों में झूठी खबरें छपने से बाबूजी डॉ. हरिवंश राय बच्चन बहुत आहत हुए थे. एक दिन उन्होंने अमिताभ को अपने कमरे मे बुलाकर अखबारों में छपी खबरों को दिखाते हुए पूछा कि क्या इनमें कोई सच्चाई है? अमित जी ने कहा कि नहीं, इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है, पूरी तरह झूठी हैं. उस दिन बाबूजी के सवाल करने से अमित जी काफी दुखी हो गए थे और अपने कमरे में आकर खूब रोए थे.’

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

पाकिस्‍तान ने नहीं किया लेकिन भाजपा ने कर दिखाया..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: