/अरुणाचल विधायक के पुत्र को पीट पीट कर मार डाला..

अरुणाचल विधायक के पुत्र को पीट पीट कर मार डाला..

अरुणाचल प्रदेश के कांग्रेस विधायक के 19 वर्षीय बेटे नीडो तानियन की दिल्ली के लाजपत नगर में बुधवार को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.Nido Tanian

तानियन के कलर कराए गए बालों पर एक दुकानदार की टिप्पणी से यह विवाद शुरू हुआ, जिसका विरोध करने पर उसे जमकर पीटा गया. तानियन के परिजनों ने इसे नस्लीय हमला करार दिया है.

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दुकानदार व उसके भाई समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है. दिल्ली सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं.

दुकानदार ने भद्दी टिप्पणी की
पुलिस के मुताबिक अरुणाचल के कांग्रेस विधायक नीडो पवित्रो का बेटा जालंधर स्थित लवली यूनिवर्सिटी में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था. इन दिनों वह दिल्ली आया था और ग्रीन पार्क स्थित अपने घर में रह रहा था.

बुधवार को वह लाजपत नगर-वन में रहने वाले दोस्तों से मिलने गया था. रास्ते में उसने राजस्थान पनीर शॉप चलाने वाले फरमान से पता पूछा. इस दौरान तानियन के अलग-अलग रंग से कलर कराए बालों को देखकर फरमान हंसने लगा.

आरोप है कि दुकानदार ने तानियन को देखकर उसके प्रदेश को लेकर भद्दी टिप्पणी कर दी. इससे नाराज तानियन ने हाथ से दुकान का शीशा तोड़ दिया.

झगड़ा होने पर दुकानदार व उसके भाई समेत कुछ लोगों ने तानियन की जमकर पिटाई कर दी.

बाद में भी पीटा गया
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. बताया गया है कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया था और तानियन शीशे के पैसे देने को तैयार हो गया था.

तानियन के दोस्तों का आरोप है कि उसे बाद में पीटा गया. दोस्त उसे ग्रीन पार्क स्थित घर ले गए. बृहस्पतिवार को उसकी तबीयत खराब होने पर एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

बताया गया है कि तानियन डीपीएस, सोनीपत का छात्र रह चुका है. मेडिकल बोर्ड की देखरेख में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. विसरा सुरक्षित रख लिया गया है.

नीडो पर नस्लभेदी हमला हुआ. दिल्ली में हर जगह हमारे साथ भेदभाव होता है.–नीडो का एक रिश्तेदार, टीवी पर

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.