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पत्रकारों के आंदोलन को अण्णा का समर्थन..

By   /  February 6, 2014  /  1 Comment

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महाराष्ट्र मे पत्रकारों पर बढते हमलों पर ज्येष्ट समाजसेवी अण्णा हजारे ने नाखुशी ज़ाहिर व्यक्त करते हुए राज्य मे पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग की है. पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति ने इस मांग को लेकर डिस्ट्रीक इन्फरमेशन आफिस को घेराव करने का निर्णय लिया है. समूचे महाराष्ट्र मे 17 फरवरी को यह आंदोलन हो रहा है. इस आंदोलन का भी अण्णा हजारे ने समर्थन किया है.anna

पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति के निमंत्रक एस.एम.देशमुख के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधीमंडल ने कल रालेगण सिद्धि मे अण्णा हजारे से मुलाकात की, आधे घट्टे की बातचीत मे एस एम देशमुख ने महाराष्ट्र मे पत्रकारों के उपर बढते हमले का सारा ब्यौरा अण्णा हजारे को दिया. यह सुनकर अण्णा प्रक्षुब्ध हो गये “यह क्या हो रहा है” जैसा सवाल करते हुये लोकतंत्र मे मीडिया को अपना काम निर्भय तरीके से करने के लिए अच्छा माहौल निर्माण करने की जरूरत है. इस लिए केवल महाराष्ट्र मे ही नही समुचे देश मे पत्रकार सुरक्षा कानून की जरूरत है. लेकिन पत्रकारों के उपर हमले करने वाले जादातर राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता है. इस कारण कोई भी दल यह कानून बनाने की पहल नही कर रहा है. यह स्पष्ट करते हुये अण्णा ने 17 फरवरी को हो रहे पत्रकार आंदोलन का समर्थन किया और जल्द से जल्द कानून बनाने की मांग की.
इस प्रतिनिधी मंडल मे किरण नाईक, शरद पाबळे, सुनील वांळूज, संदीप खेडेकर समेत समिति के अन्य सदस्य शामिल थे.

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  • Published: 4 years ago on February 6, 2014
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  • Last Modified: February 6, 2014 @ 9:47 am
  • Filed Under: मीडिया

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. sanjay pandey says:

    पत्रकार आंदोलन का समर्थन

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