Loading...
You are here:  Home  >  राजनीति  >  Current Article

केजरीवाल ने छेड़ी LG के ख़िलाफ़ जंग..

By   /  February 8, 2014  /  1 Comment

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

जन लोकपाल बिल को सीधे विधानसभा में पेश करने के मुद्दे पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल नजीब जंग को पत्र लिखकर उनसे पूछा है कि विधानसभा में जनलोकपाल बिल पास करना असंवैधानिक कैसे है? केजरीवाल ने उपराज्यपाल से कहा है कि वह देश के संविधान के प्रति निष्ठावान बनें, गृह मंत्रालय या किसी पार्टी के प्रति नहीं.kejriwal

उपराज्यपाल को लिखे तीन पेज के पत्र में अरविंद केजरीवाल ने राज्यपाल के कार्यालय द्वारा इस मुद्दे पर सॉलिसिटर जनरल की राय लेने के फैसले पर हैरानी जताते हुए पूछा है कि जब हमनें आपको बिल (जनलोकपाल) की कॉपी कल (गुरुवार) शाम को ही दे दी थी तो आपने किस बिल के बारे में सॉलिसिटर जनरल की राय मांगी. केजरीवाल ने इस पत्र में लिखा है कि अगर हर बिल को पास कराने के लिए केंद्र की प्रतिक्रिया लेनी पड़ेगी तो दिल्ली में चुनाव कराने का क्या फायदा है.

केजरीवाल ने उपराज्यपाल से कहा है कि मुझे पता है कि आप पर गृह मंत्रालय और कांग्रेस का दबाव है लेकिन इसका निर्णय आपको करना है कि आप यह दबाव से बच पाते हैं या नहीं. उन्होंने राज्यपाल से अपील की है कि आप देश के संविधान के प्रति निष्ठावान बनिए न कि गृह मंत्रालय या किसी राजनीतिक पार्टी के प्रति.
केजरीवाल ने राज्यपाल का ध्यान दिलाते हुए लिखा है कि वे लोग नहीं चाहते हैं कि जनलोकपाल बिल पास हो क्योंकि वे जानते हैं कि अगर यह बिल पास हो गया तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा. साथ ही केजरीवाल ने बिल के प्रमुख अंशों के लीक होने पर नाराजगी जताई है.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 4 years ago on February 8, 2014
  • By:
  • Last Modified: February 8, 2014 @ 10:51 am
  • Filed Under: राजनीति

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. क्व्ज़रिबल जी मुख्यमंत्री न्यू डेल्ही आप जो जन्ग्ग्य लड़ने जारहे कीसी ज्न्ग्गी से लड़ ने जा रहे हो वो ये जाना चाहत है अकी आप की किस हतियार से हतियार से लडोगे क्या उस हतियार के [ लाईसेंस] लिसन्क है या बिना लैसन्क का है मानो आप का हित्यर बिना लिसन्क के हतियार से लादोंगे तो केस हत्तिया का होने के बाद हम किस धरा में मुक्क्दिमा छाएंगे हत्तिया का या बिना लाईसेंस के हतियार का ये पहले साफ़ हो जाना कहिये फिर आप लड़ने की सोचना और यदि आप ने बिना लाईसेंस की बन्दूक से हत्तिया कर दी यानी शीकार कर दिया तो शिकरी को बहौदुरी का ईनाम भी नहीं मिलेगा क्यों की बिना लाईसेंस के हटिया से शिकार किया गे है ये आप के जन्ग्गी महाशय जाना कहते है क्या अजीव तमा श है जी

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

एक क्रांतिकारी सफर का दर्दनाक अंत..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: