/केजरीवाल ने छेड़ी LG के ख़िलाफ़ जंग..

केजरीवाल ने छेड़ी LG के ख़िलाफ़ जंग..

जन लोकपाल बिल को सीधे विधानसभा में पेश करने के मुद्दे पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल नजीब जंग को पत्र लिखकर उनसे पूछा है कि विधानसभा में जनलोकपाल बिल पास करना असंवैधानिक कैसे है? केजरीवाल ने उपराज्यपाल से कहा है कि वह देश के संविधान के प्रति निष्ठावान बनें, गृह मंत्रालय या किसी पार्टी के प्रति नहीं.kejriwal

उपराज्यपाल को लिखे तीन पेज के पत्र में अरविंद केजरीवाल ने राज्यपाल के कार्यालय द्वारा इस मुद्दे पर सॉलिसिटर जनरल की राय लेने के फैसले पर हैरानी जताते हुए पूछा है कि जब हमनें आपको बिल (जनलोकपाल) की कॉपी कल (गुरुवार) शाम को ही दे दी थी तो आपने किस बिल के बारे में सॉलिसिटर जनरल की राय मांगी. केजरीवाल ने इस पत्र में लिखा है कि अगर हर बिल को पास कराने के लिए केंद्र की प्रतिक्रिया लेनी पड़ेगी तो दिल्ली में चुनाव कराने का क्या फायदा है.

केजरीवाल ने उपराज्यपाल से कहा है कि मुझे पता है कि आप पर गृह मंत्रालय और कांग्रेस का दबाव है लेकिन इसका निर्णय आपको करना है कि आप यह दबाव से बच पाते हैं या नहीं. उन्होंने राज्यपाल से अपील की है कि आप देश के संविधान के प्रति निष्ठावान बनिए न कि गृह मंत्रालय या किसी राजनीतिक पार्टी के प्रति.
केजरीवाल ने राज्यपाल का ध्यान दिलाते हुए लिखा है कि वे लोग नहीं चाहते हैं कि जनलोकपाल बिल पास हो क्योंकि वे जानते हैं कि अगर यह बिल पास हो गया तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा. साथ ही केजरीवाल ने बिल के प्रमुख अंशों के लीक होने पर नाराजगी जताई है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.