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दीपक चौरसिया ने रामदेव से पूछा, ”आपके कितने बहनोई हैं..?” भक्तों के विरोध पर काटा सवाल

By   /  September 5, 2011  /  24 Comments

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स्टार न्यूज़ पर दीपक चौरसिया ने बाबा रामदेव से लाईव चले एक शो में बेबाक सवाल पूछ तो लिए, लेकिन दर्शकों ने विरोध कर इतने ई मेल भेजे कि स्टार न्यूज़ को दोबारा टेलीकास्ट में आपत्तिजनक सवाल हटाने पड़े।

बीच बहस में

दरअसल 3 सितंबर को रात स्टार न्यूज पर दीपक चौरसिया और बाबा रामदेव के बीच लाईव बहस का प्रसारण किया जिसमें खूब गरमा-गरमी रही। दीपक ने बाबा पर आरोपों की झड़ी लगा दी। लेकिन रामदेव तो ठहरे तथ्यों के खिलाड़ी। एक-एक कर सारे सवालों का करारा जवाब दिया। दीपक ने उन्हें यह कह कर उलझन में डाल दिया कि जब वे रामलीला मैदान की अपनी रैली के लिए दिल्ली आए थे तो उनके निजी विमान का किराया उनके ट्रस्ट ने दिया था। लेकिन कार्यक्रम के कमर्शियल ब्रेक के दौरान ही उनके सहयोगियों ने बता दिया कि वास्तव में वह भुगतान उनकी एक महिला भक्त ने किया था और स्टार न्यूज़ के आरोप झूठे हैं।

जब रामदेव ने ट्रस्ट और आश्रम के सवालों पर बाबा रामदेव ने अपनी सफाई दे दी तो दीपक निजी हमले पर उतर आए। नौबत यहां तक आ पहुंची कि उन्होंने एक बार तो बाबा से पूछ डाला, ”आपके कितने बहनोई हैं…?” वो आगे कुछ कहते कि रामदेव ने मर्यादाओं की सीमा में रहने की सलाह दे डाली। तब जा कर कहीं दीपक कुछ शांत हुए।

हालांकि दीपक इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट का हवाला दे रहे थे, और कहना चाह रहे थे कि ट्रस्ट की संपत्ति में स्वामी रामदेव के परिवार के लोग फायदा उठा रहे हैं, लेकिन इससे यह भी साफ हो गया कि चैनल ने अपने सूत्रों पर नहीं बल्कि दूसरी जगह प्रकाशित खबरों को आधार बना कर आरोप लगाए थे। करीब घंटे भर चली बहस में रामदेव ने साफ कहा कि खुद उन्होंने या उनके किसी भी रिश्तेदार ने ट्रस्टों को दान में मिली संपत्ति से कोई लाभ नहीं उठाया है। बहस तब जाकर खत्म हुई जब बाबा ने और सवाल पूछने की चुनौती दी और दीपक समय खत्म हो जाने का हवाला देते हुए हार कर बाहर हो गए।

हालांकि लाइव में बेहिसाब बतकही हुई, लेकिन खबर है कि इसके बाद दर्शकों ने इसपर कड़ा ऐतराज़ जताया। बताया जाता है कि बहस प्रसारित होने के बाद स्टार न्यूज के पास फोन और ई-मेल का तांता लग गया जिसमें दीपक चौरसिया के अभद्र व्यवहार और गलत तथ्यों और गलत बातों की ढेरों शिकायते हुई। इसका नतीजा ये रहा कि जब स्टार न्यूज़ ने इस वीडियो का दुबारा प्रसारण अगले दिन सुबह किया तो उसमे से  दीपक के सभी आपत्ति जनक सवालों को काट दिया गया था।

 

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

24 Comments

  1. pravin vaishnaw says:

    Deepak जी,
    आपका सवाल बिलकुल सही था , बाबा रामदेव अपने नाम को देश में गांधीजी की तरह करना चाहते है , जब रामदेव सभी को बहन कहते है तो जीतनी बहने होगी उतने ही बहनोई भी हो सकते है I इसमें आपका सवाल सही था I जब किसी बहस पर सवाल जवाब होता है तो किसी प्रश्न पर एतराज करना मूर्खो का कार्य है I रामदेव भी इन्सान ही है कोई भगवान् नहीं है I जो भी भगवान् मानता है तो उसे क्या कहना ……………. रामदेव एक व्यापारी है I जो अपने कारोबार करने के लिए इतना जोड़ तोड़ कर व्यापार को बढ़ावा दिया जा रहा है I

  2. raman gupta says:

    deepak ke bahan ka najayaj sambandh congress ke sabhi netaon ke sath hai

  3. sk jain says:

    दीपक चौरसिया जी आप ने केसे केसे सवाल बाबा रामदेव से पुछ लिये |

  4. mohd sami says:

    सारे चोर है में एक आन्दोलन २०१४ में करूगा मेरी उम १९ साल है अगर मेरी देश के लिए जान भी जाये तो हस्ते हस्ते दे दूगा इनकी तरह नहीं आन्दोलन में अपनी जान बचाने के लिए बाबा का धर्म ही नस्त कर दिया कहा से ये बाबा रहे रामदेव बाबा जबाब दे

  5. sachin says:

    ऐसी बात नहीं है दीपक बहुत अच्छा आदमी है . साला बाबा रामदेव ही ऐसा है . मैं कई बार उसके संसथान की तरफ गया तो वह के लोगो ने बताया की वो एक आइयाश किस्म का आदमी है. लेकिन मुझे उससे क्या लेना है वो साला जैसा करगा वैसा ही भरेगा

  6. राज्य आ गया है , ईस भारत कैसा राम में ! मानवता का धर्म खत्म हो गया ईस भारत में !
    नैतिकता का पतन हो गया है ,ईस भारत में !जहा भी देखॊ सबकी अपनी मर्जी है ईस भारत में !
    चोरो की भरमार पडी़ है , रिश्वत् खोरो की भरमार बडी़ है ईस भारत में !
    अबलाओं पर अत्याचार बडा़ है , नाबालिक बच्चो का शॊषण होता ईस भारत में !
    शिक्षा का अपमान हो रहा है , क्षेत्रबाद राजनिति का अडडा बन गया है ईस भारत में !
    आरक्षण राजनीत का रुप ले लिया है , जहा भी देखो गुन्डा राज हो गया है ईस भारत में !
    चपरासी से लेकर मन्त्री तक कमीशन खाता है , सत्य-अहिंशा का मार्ग नाम मात्र है ईस भारत में !
    राजनीत भी अजब शतरंज का खेल है , कहने को तो नही रखा जायगा राजनीती में दागी लोगो को !
    फ़िर शॊचॊ राजनीत करने को बचेगा कौन ईस भारत में !
    राजनीती चमकाने में हर हथकन्डा अपनाया जाता है , राजनीती जुर्म का सबसे बडा अखाडा है ईस भारत में !
    दे्श का ऎसा कोई क्षेत्र नही बचा होगा , जहा राजनीती अपना पैर पशारा नही ईस भारत में !
    नही मिलेगा ईससॆ आसान तरीका चुनाव लड़ने का , अच्छॆ और ईमानदार लोगो को हीन द्रृश्टी से देखा जाता !
    कमीशन का प्रचलन बहुत तेजी से बढ रहा है , मिलावट खोरो से कमीशन खाय़ा जाता है ईस भारत में !
    नम्बर दो का काम करना आसान हो गया है , पैसो के दम पर कुछ भी करवाया जा सकता है ईस भारत में !
    श्रधा के नाम पर प्रभू का अपमान किया जाता है , पाप करो फ़िर दान करो प्रचलन बन गया है ईस भारत में!
    जनता को वेवकूफ़ बनाना आसान हो गया है,युवा पीढी आगे राजनीत में आवो नारा बन गया है ईस भारत में!
    कोई नही कहता अच्छॆ लोग राजनीत में आवो , यदी अच्छॆ लोग राजनीत में आ गये तो सबका सुपढा साफ़ हो जायेगा!
    जहा भी देखो चोर-चोर मौसेरे भाई मिलेगें ,ईस भारत में!
    शन्त महात्मावों की चल पडी़ है अब ईस भारत में , प्रबचन करके वेवकुफ़ बनाना आसान बन गया है ईस भारत में!
    अच्छॆ लोग कभी नही करेगे कोई राजनीत ,ईस भारत में!
    क्या-क्या बदला अजादी के चौसठ (64) सालो में , अन्डर वल्ड डानो की चलती है ईस भारत में !
    गुन्डो का राजनीतिक कनेक्शन होता है , देश की पुलिस भी बहती गंगा में हाथ धोता है ईस भारत में !
    सरकारी सम्पती को लूटवाया जाता है , सरकारी टैक्स भरो या मत भरो ईनकी जेबे भरते रहो ईस भारत में !
    जहा भी देखो भ्रश्टाचार बडा़ है , मेरी कल्पना सत्य हो गयी ईस भारत में !
    फ़िल्मी दुनियाँ वालो का क्या कहना , ईस भारत में ! फ़िल्म का प्रमोशन करने में हर हथकन्डा अपनाता है !
    पर्दे के पिछॆ का हर बे पर्दा होता है , ईस भारत में फ़िल्मी दुनियाँ की कोई मर्यादा नही होती है !
    कोई ज्यादा फ़र्क नही होता फ़िल्मी और असल जिन्दगी में ,कम कपडो़ का फ़ैशन फ़िल्मी दुनियाँ ने लाया ईस भारत में !
    नारी का अपमान नहीं तो और क्या है , कुछ चिजो की मर्यादा पर्दे से ही होती है ईस भारत में !
    मेरे चुल्हे में क्या पकता है , कुछ लेना देना नही , लेकिन पडो़सी के घर में क्या चलता है सब देखेगें ईस भारत में !
    आज पैसे की हवस सबको लगी हुई है , फ़िर दान करके कौन सा पुन्य कमाया जाता है ईस भारत में !
    कहने को मिडियाँ भी तरक्की कर ली है , ईस भारत में शंकर जी की तीसरी आँख रखता है मिडियाँ …!
    मिडियाँ कितनी टैलेन्ट और साफ़ शुथरी है , उसे मैं कुछ दिखाना और बताना चाहूगाँ ईस भारत में !
    बी.आई.पी कब पादा कब छिका कवरेज करती है मिडियाँ , ईस भारत में !
    एक नंगा-भूखा ईन्सान भूखॊ से बेहाल है नहीं पहुचती मिडियाँ ईस भारत में !
    नामी गुन्डो बदमाशो के पास अपना कैमरा घुमाने से डरती मिडियाँ ईस भारत में !
    उनके पिछे कभी नही लगाती अपनी तीसरी आँख मिडियाँ ईस भारत में !
    जबतक कानून दबोचता नहीं मिडियाँ भी जाने से घबराती है ,ईस भारत में !
    शेर फ़स गया जब पिजरे में टीबी चैनल का हेड-लाईन बन गया ,ईस भारत में !
    मिडियाँ भी हमारी थोडी़ बहुत पुलिस जैसी करती है , हाथी डूब गयी पुँछ बचाया कहावत करती है ईस भारत में !
    यहा भी पैसो का खेल है यारो क्या कहना , बिन पैसो के वे भी अपना कैमरा नहीं दौडा़ते यारो क्या कहना ईस भारत में !
    जिते हुए प्रत्याशी कि वाह-वाही करते दिखेगें , सच्चे का मुँह काला झुठे का बोल -बाला है ईस भारत में !
    टू बी कान्टीन्यु…..

    समाज में बहुत सारी एसी बाते है जिसे लोग डर बस या न जाने क्यो आगे नहीं आते ?तो ऎसे में मिडिया को सपोर्ट करने की जरुरत है

  7. d k chanda says:

    किसी को दुख पहुँचाने के लिए कमेंट्स नहीं है, कृपया क्षमा करें.

  8. d k chanda says:

    मीडिया बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए!

  9. भ्रश्टाचार चालीसा
    दोहा
    जनता के हक है , नेतन के पैरन की धुल !
    हर नेता पाल रखत् है, गुन्डन को जनता के अनकूल !
    अनपण नेतन के दुवारे , नतमस्तक होवै जात है अच्छॆ-अच्छॆ वीर् !
    अपनी कुर्सी की धौश् में , भारत देश के नेता भ्रस्र्टाचार् को आपस में पकावैं खीर !
    चौपाई
    जय हनुमान ग्यान गुन सागर ! भ्रश्टाचार राजनिति से उजागर !!
    जनता का सेवक चुनाव जीत हुआ बलवाना! बेईमानी उसकी माता,भ्रश्टाचार सुतनामा!
    जीत चुनाव हुआ अति बलवन्ती !शतबुध्दि को त्याग हुआ कुमति के संगी !!
    सोना चाँदी आगन ऎसे बिराजॆ ! जॆसे बारिश मे कुकूर मुत्ता घर आगन मे साजे !!

    बाहो मे बाला ऒर मदीरा बिराजॆ ! तन पर सफ़ेद कुर्ता ऒर द्दोती साजॆ !!
    राक्षसी प्रबृति के लोगो ने राजनिति का किया हॆ खंड्न ! फ़ॆली गुन्डा गर्दी हुआ समाज मे खन्ड्न!!
    विद्या वीहिन लोग हुए राजनिति मे अति चातूर ! कहते है मै हूँ जनता की सेवा करने को आतूर !!
    चरित्र वीहिन हो गया है सब नेता ! समाज के जितने भी अवगुण सब इनमे बस लेता !!
    भोली सकल लेकर जनता के सन्मुख आवा ! जीत चुनाव पाँच साल फिर नही कबहू मुँख दिखावा !!
    महाकाल रुप धरि सब कुछ लीए डकारे ! हमरे देश का कानून सुबह शाँम झाडू मारे इनके दुवारे !!
    गठबन्धन की राजनिति अब सवै चलावै ! मनमोहन कि छ्वी पर भी अब दाँग लगावे!
    राहूल ने भी की मनमोहन की बहुत बडाई ! तुम हो काग्रेस मे वेदाग नेताओ मे मेरे भाई !!
    आज सहज ही पूरा भारत तुम्हरे गुन गावै ! पर ऎसे मे भाजपा तुम्हरे गले की फाँस बनावै !!
    टेलीकाम,कामनवेल्थ,आ.पी.एल,आदर्शा ! राजा,कलमाडी,ललीतमोदी,अशॊकचौहान,सुरर्शा!!
    देश की जनता कुछ भी कह ले ईस जहा मॆ ! अब हमारा कोई कुछ नही कर सकता सारे जहा मे !!
    तुम सब हमे चुनाव जिताकर कोई उपकार नही है कीन्हा ! नोटो की गड्डी दारुँ की बोतल दी, तब तुमने वोट है दिन्हा !!
    हमेशा हमने झूठा प्रचार किया मनमानी ! मुरख जनता मुझको वोट देकर खुद से किया बेईंमानी !!
    स्वीज बैंक हजारो कोष दूर है, यारो जाना ! फ़िर दो-चार हजार वहा लेकर क्या जाना !!
    जनता की गाडी कमाई ! हमने दिया स्वीज बैंक मे जमा कराई !!
    ईतना जोखिम काम भला हम जनता को क्यो देते ! भारत मे बैंको की रखवाली फिर हम किसको देते !!
    कहने को हम है जनता के रखवारे ! लेकिन बिना हमारी आज्ञा कोई हाथ पॉव भी नही मारे !!
    राजनिति मे सब कुछ जायज है करना ! फिर देश की जनता और कानून से हमे क्या डरना !!
    हम अपनी गुन्डा गर्दी और बडाते जावैं ! देश की जनता को लूटते और डराते जावैं !!
    थाना-पुलिस कभी हमरे निकट नहि आवैं ! कमीने नेताओ का जब नाम सुनावै !!
    सरकारी महकमा समाज में है एक कीडा ! भॊली-भाली जनता को देती हरदम पीडा !!
    संकट मे ये अपनो को और फ़सावै ! पैसा कौडी,ईज्जत सब कुछ दाँव पर लगवावै !!
    कभी-कभार जनता होवै हैं सब पर भारी ! पर उनका भी हक गटक गये सबको किया भिखारी !!
    राजनिति में अगर कोई सच्चा आना चाहे ! समझ लो वह अपनी जिन्दगी से जान गवाए !
    चारो दिशाओ में घुम-घुम किया अत्याचारा ! तब जाकर किया ईतना बडा भ्रस्टाचारा!!
    साधू सन्त सब है राजनिति के चट्टू-बट्टू ! गेरुवा वस्त्र पहन कर हर जनता को घुमाते लट्टू- लट्टू !!
    राजनिति में सब कुछ जायज ठहराया जाता ! चुनाव प्रचार में नेता बडे-बडे वादो का पुल बाधता जाता !!
    देश की जनता कट्पुतली,कानून हमारी मुट्टी में ! शाँम सवेरे तलवे चाटती पुलिस हमारी चुट्की में !!
    हमारे झूठे- झूठे भाषण् लोगो को अति भावै ! मानो वे अपने को जन्मो-जनम् धन्य व्हे जावै !!
    पाँच साल बाद नेता फिर जनता के बीच मे आवै ! जब वह फ़िर अपनी किस्मत को अजमावै !!
    लेकिन अब उसके अपने भी साथ न धरईं ! अब तो जेल मे बैठकर ऎश करईं !!
    सब अवगुन समाप्त करे राजनिति पिटारा ! जब राजनिति का लिया सहारा !!
    जै जै जै राजनिति गोसाईं ! तुम्हरी कृपा हम जैसन पर सदा बनाई !!
    जो सत् बार पाठ राजनिति चालीसा कोई !अपराध् मुक्त्त् समाज ईस देश मे पैदा होई
    !!
    दोहा
    नेता जनता से वादा करत संकट हरन , मुरख जनता भी पूजत नेता मंगल मुरत रुप !
    नेतन की सब पीडीं जन्मो जनम राज करिहै ,ऎशन बिचार जनता अपने ह्र्दय में बषहूँ शुर भूप !!

  10. हमारी मिडियां तो सिर्फ़ मिर्च मशाला लगाने का काम करती है चैनल तो अपना है लेकिन चलता तो वह भी राशन पानी से ही है किसी बेश्या से कम नही होते है बडी -बडी मछलियां पकड्ने से घबराती इमानदारी न्युज चैनल चलाने से नहीं ,हमारी आत्मा से होती है जो अब ईस भारत में किसी के पास नहीं है एक बार मुझसे मिलें मैं बतांऊगा कि ईमानदारी क्या होती है एक सच्चा देश भक्त ईमानदारी क्या होती है बता सकता है चैनल चलाने वाले तो विजनेश करने बैःठे है उनके अन्दर ईमानदारी कैसे आ सकती है हिम्मत है तो हमारे लेखो को जनता तक पहुचाकर देखो क्यो हमारे लेख देखकर सब डर जा रहें हैं. मै कैसे समझूं कि मेरा मैसेज मिडियां तक पहुच रहा है क्यो नहीं आप सब मेरे बातो का जवाव देते है

  11. रीमिक्श राश्र्टीय़ गीत } लीडर १.
    अपनी आजादी को हम भुला सकते हैं , लेकिन देश को बर्बादी से बचा सकते नहीं !
    हमने कई वर्षो के बाद ये कुर्सी पायी है , सैकडो गरीबो का खून चूँस कर ये दौलत कमाई है !
    न जाने कितने सुहागनो का सुहाग हमने जन्नत में पहुचायी है !
    खाक में अपनो की ईज्जत मिला सकते लेकिन है , देश को वर्वादी से बचा सकते नही !
    अपनी आजादी को याद तो कर सकते है , लेकिन देश के लिए कुछ कर सकते नहीं !
    क्या चलेगी , दुसरो की मर्जी मेरी गुन्डा गर्दी के सामने !
    लाखों की रिश्वत लेकर अगर आये कोई , बच कर जा नहीं सकता मेरी चतुराई के सामने !
    हम ऎसॆ देश द्रोही नेता है , जिसे हमारे देश की जनता अब हरा सकती नहीं !
    अपनी आजादी को याद तो कर सकते है , देश को आबाद कर सकते नहीं !
    संसद भवन में अब जूता और चप्पलो की भरमार करते जायंगे !
    देश की जनता के साथ हम खिलवाड़ करते जायेगें !
    अगर देश में मिलेगें देश भक्त नेता कोई , अपने पैसो की गर्मी से हम उन्हे खत्म करते जायेगें !
    अपनी आजादी को याद तो कर सकते है , लेकिन देश के लिए कुछ कर सकते नहीं !
    टू बी कान्टीन्यू…..

    पुरब और पश्चीम २.
    है अत्याचार यही पर ,भ्रश्टाचार यही पर मैं गीत वही के गाता हूँ !
    भारत का ही रहने वाला हूँ , पर अब भारत की वाट् लगाता हूँ !
    काले गोरे का भेद यही पर , सबके दिलो में नफ़रत पैदा करता हूँ !
    कुछ और नहीं आता हमको , बस लोगो को भडकाने आता है !
    जिसे जान चुका है सारा भारत , मैं बात वही दोहराता हूँ !
    भारत का रहने वाला हूँ , लेकिन एक दुसरे को आपस में लडवाता हूँ !
    हारा हुवा नेता हूँ , तो क्या हुवा , हमने लाखो दिलो को तोडा है !
    जहां भी देखो रावण राज्य है , कभी भी सीता हरण होता है !
    इतने अत्याचारी लोग यहां , मै बात उन्ही की सुनाता हूँ !
    भारत का ही रहने वाला हूँ , पर अब भारत की वाट् लगाता हूँ !
    ईतनी गंदी नदियाँ यहाँ की , शहरो का गंदा पानी इसी में बहाया जाता है !
    ईतना आदर अब इन्सानो में कहां , य़हां सिर्फ़ पैसे को पूजा जाता है !
    ईस धरती पर मैने जनम हि क्यो लिया यह शोचकर शर्माता हूँ !
    21 वीं सदी के जनता के सेवक ३.
    चलो भारत को नर्क बनाये हम , देश द्रोहियो से हाथ मिलाएं हम !
    घुश खॊरॊ का साथ निभाएं हम , मिलावाट करने वालो को नजर अंन्दाज करते जाएं हम !
    भारत के बेईमानो को अपने पास में रहने की जगह दिलाएं हम !
    चलो भारत को नर्क बनाये हम , अपने देश के गद्दारो का साथ निभाएं हम !
    अपनी आखॊं पर शर्म की पट्टी बाधकर जिन्दगी बिताएं हम !
    अपने ही देश के लोगो को आपस में नफ़रत पैदा करवाएं हम !
    कुर्सी के लालच में एक प्रान्त के लोगो को , दुसरे प्रान्त के लोगो से लड.वाएं हम !
    चलो भारत को नर्क बनाये हम , संसद भवन में चोर उचक्के नेताओ को वोट देकर पहुचाएं !
    जार्ज बुश के उपर मारा जूता , अब फ़ैशन बनवाएं हम !
    गरीब जनता को भूखॊ की नींद सुलाएं हम !
    सरकारी गोदामो में गेहूं चावल सडवाएं हम !
    महगाईं की मार से हमको क्या लेना देना ! अपनी जेब गरम करते जाये हम !
    स्कूलो की डिग्री से क्या लेना देना , रिश्चत देकर फ़र्जी सर्टी फ़िकेट बनवाए हम !
    बच्चो के फ़्यूचर से क्या लेना देना , अपना बिजनेश करते जायें हम !
    चलो भारत को नर्क बनाये हम ,
    ऎ मेरे वतन लोगो ४.
    ऎ मेरे वतन के लोगो , तुम अपने आप को संम्भालो !
    यह भारत वर्ष है सबका , पर अब ईसपे है , राजनिति का कब्जा !
    पर ईतना तो मत भूलो , जिसने भारत को आजाद कराया !
    जिन्दगी का एक पल भी , अगर तुम सच्चे दिल से याद कर लिया !
    ऎ मेरे वतन के लोगो , तुम अपने आप को संम्भालो !
    जो ईस देश को लूट रहे है , तुम उनकी य़ाद दिला दो नानी !
    जब से देश की जनता है चुप्पी साधी , तब से देश में बडी है बर्बादी !
    ऎ मेरे वतन के लोगो , तुम अपने आप को संम्भालो !
    जब तक देश में थी सच की ताकत , तब तक बेईमानी ने नहीं पाँव पसारा !
    फिर समाज के कुछ लोगो ने , दिया उनको सहारा !
    जो ईस देश को लूट रहे है , तुम उनकी य़ाद दिला दो नानी !
    ऎ मेरे वतन के लोगो , तुम अपने आप को संम्भालो !
    जब सरकारे लाती है देश का बजट , उस समय भारत वासी खॆल रहा होता है होली !
    जब हम चुप बैठते है घरो में , सरकारी महकमो में होती है घुसखोरी !
    है धनी हर पुलिस महकमा आज समाज में !
    वही हैं धनी समाज में , जिसने की है हर मनमानी !
    जो ईस देश को लूट रहे है , तुम उनकी य़ाद दिला दो नानी !
    कोई नेता, कोई अभिनेता, कोई साधू सन्त, तो कोई अफ़सर है सरकारी !
    ईस देश को लूटने वाले , ईसी देश के है कुछ लोग जो भारत को लूट रहे हैं बारी-बारी !
    जो ईस देश को लूट रहे है , तुम उनकी य़ाद दिला दो नानी !
    जिसने भी काला धन बिदेशो में पहुचाया,क्या अभी तक हमारी सरकारे ऎसा कोई कानून बनाया !
    थी भूंख से तड.प रही भारत की हर काया !
    फ़िर भी सरकारी गोदामो में,चावल गेहूँ को सड.वाया !
    कुछ सरकारी स्कूलो में भी भ्रश्टाचारी लोग पडे. हैं यारो !
    जिसे बुधजिवी वर्ग कहा जाता है , क्यो चुप्पी साधे है यारो !
    मोटे-मोटे व्यापारी से पेटी खोखा मगवाया जाता है !
    फ़िर जाकर उसे स्वीज-बैंक में जमा कराया जाता है !
    जब भ्रश्टाचार सामने आया तो ,सब कह गये कि हम सब मिलकर करते हैं !
    ऎसे लोग हैं य़ारो , जो भारत में करते हैं बेईंमानी !
    फ़िर उन्ही पैसो की गरमी से , चलती है मनमानी !
    तुम सब मत भूलो ऎसे भ्रश्टाचारी लोगो को , ईस लिए हमने लिखी है अपनी जुबानी !
    जो ईस देश को लूट रहे है , तुम उनकी य़ाद दिला दो नानी !
    मेरा भारत महान
    बन्धू य़े भारत है ,प्रेम भाव नदारथ है । मीलिए इनसे कोई स्वारथ है ॥
    जहा भी देखो, सत्य-मेव जयते का नारा है । आज ब्लैक मनी सबको प्यारा है ॥
    कुरसी हित अपनो को मारा , फ़िर भी प्यारा भारत देश हमारा ॥
    आज कल के अफ़सर नेता , थोङा बहुत सभी है लेता ॥
    हम जैसो का अब नही गुजारा , फ़िर भी प्यारा भारत देश हमारा ॥
    आर बी जैन सर,
    शर्मा जी
    मैं जय हिन्द यादव आप की कम्पनी शैलसर २ में १ दिसम्बर से १२ दिसम्बर /२०११ तक सुपर फ़ाइन में काम किया है पेमेंन्ट ८ घंन्टे का मेरी बिको की शैलरी के आस पास रखने की बात हुई थी लेकिन शर्मा जी अब पगार देने से मना कर रहे है ,तो मुझे क्या करना चाहिये ? यदी नहीं देना है तो क्यो ? मैं हाथ जोड. कर विनती करता हूं कि बिना किसी वाद विवाद के मेरा पेमेंट कर देते है तो आप को धन्यबाद,
    परिन्दर पटेल सर, जी मेरी विनती जरा इनके पास तक पहुचाये आप का थैक्यू मुझे शैलरी मिले तो आज भी आप की कम्पनी में आने को तैयार हूं, दुसरी चीज मै आप के यहा आपरेटर के लिये नहीं , आल डेवलप , क्वालटी कन्ट्रोल मशीन

  12. Rajendra Trivedi says:

    deepak chaurasia ek ghatiya mansikta ka patrakar hai.

  13. दीपक आला दर्जे का बेवकूफ इंसान है.
    भले लोगो के साथ हमेशा बदतमीज़ से बात करता है.
    उसमे हिम्मत है तो अपनी सोनिया माता से पूछे की ‘किस रोग’ के कारण वहा अमेरिका गयी थी??
    ‘स्विस बैंक में सोनिया का कितना पैसा है?”

    लेकिन इन भांड पत्रकारों से निष्पक्ष और स्तरीय पत्रकारिता की आशा करना बेकार है.
    इनके कारण मीडिया बदनाम है.

  14. puran mal sharma says:

    स्टार न्युज तौ बिकाऊ चैनल है !

  15. ANAND KUMAR says:

    dipak je ka swal ke bad ka sawal kafi majboot raha hoga, lekin maryada ki bat kah ramdev je dwara depak je ko rok dena yahi pradarshit karta hai ki admi jab kici se ye puchta hai ki apke kitne bete ya bhai hain to use nahi bura lagta hai aur bahnoi ke name par use maryada ki bat kahi jati hai. kya bahnoi ka rista etna bura hai. mere hishab se jab vyakti par arop lagne hai to sawalo se ghabrana nahi chahiye uska datkar samna karna chahiye.

    anand kumar
    mau

    mob. 9451831331

    • Narender says:

      आप तो मूरखता की बात कर रहे हैं , एक सन्यासी के लिए कोई रिश्ता मायने नहीं रखता, ना ही दीपक ने उनके भाई या माता-पिता आदि के सम्बन्ध में पूछा,उस गधे ने तो झल्ला पूछा

  16. rajeev ranjan upadhyay says:

    रामदेव झूट बोलने मैं माहिर हैं. रामदेव का यह दावा सरासर गलत है की उनके पास कोई सम्पति नहीं है. रामदेव यह बताये आचार्य बालकृष्ण के नाम पर जो संपत्ति या निवेश है वह पैसा कान्हां से आया? फर्जी बिल वौचेर तो सब संश्था वाले बनाना जानते है दीपकजी ने कोई गलत काम नहीं किया इन जैसे बाबायों से सख्ती से पेश आना चाहिए .

  17. Rahul Sharma says:

    केवल इस मामले मैं ही नहीं बल्कि दीपक हमेशा ही मुर्खता करता है ………….

  18. praveen says:

    media bhi bikti hai tabhi to ye channel chal rahe hai sarkaar jisko chahe khareed sakti hai star to 101% bikau channel hai deepak khud inka koi jameer nahi bacha hai na hi desh se koi lena dena hai ye apne ko chautha stambh kahte hai aisa stambh hoga to desh ki neev jaroor dagmayegi |

    • Naren says:

      बिलकुल ठीक, ये दीपक, एक दम अय्याश व्यक्ति, पहले आज तक पर बिकता था, पर वहां ज्यादा दाल नहीं गली तो स्टार जो बात बात पर बिकता है वहां चला आया, ४जून को ये दलाल दीपक भारतीयों से पिटते-पिटते बचा, वो भी बाबा रामदेव के कारण !

  19. praveen arya says:

    पहले तो ये चौरसिया अति महत्वाकांक्षी और बदतमीजी प्रवर्ति के छुटभैये टाइप के भाग्यानुसार पत्रकार है | पहले तो यही बताए कि तेरे कितने रिश्तेदार बेतुकी खबरे खरीदने के दलाल है |

  20. Mahngai dayan kiya jata hai Aam aadmi ki 64 salloo say mahngai ki jhamelaeiii may dal kar tamasha bana kar rakh dia janta tum mahngai or corruption may paday rahao desh ki janta dal dudh petrol tax kay fher may corruption ki baat nahi karo kutto kay janay kaa time aa gaya hai kya opposition bik chuka hai kyo nahi wo no confidence motion lata hai no buddy wants corrupt congress down down shame shame ………….

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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