/बंद कार में सेक्स के दौरान लगा ‘बैक गियर’, साठ फीट से लटकी गाड़ी, तस्वीरें देखें

बंद कार में सेक्स के दौरान लगा ‘बैक गियर’, साठ फीट से लटकी गाड़ी, तस्वीरें देखें

एक कामुक जोड़े को अपने प्यार की रफ़्तार पर उस वक़्त ब्रेक लगाना पड़ा, जब अचानक उनकी कार 60 फुट की ऊंचाई पर छत के किनारे लटक गई। मामला है चीन के दक्षिणी प्रांत की एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के छत पर बना पार्किंग का। राहत की बात यह रही कि जोड़े की जान बच गई।

 

खबर के मुताबिक दक्षिणी चीन के हुनान क्षेत्र से लगते छांगसा में एक प्रेमी जोड़ा अकेलेपन की तलाश में अपनी कार को बिल्डिंग की छत पर मौज़ूद पार्किंग में ले गया था। गाड़ी को छत की पार्किंग पर खड़ी कर यह जोड़ा अंदर ही रोमांस करने में मश्गूल हो गया। पुरुष का नाम क्यू होउ तथा महिला का नाम लिली टेंग बताया गया है।

ऐसे लटकी कार

 

दरअसल, बंद कार में सेक्स करने के दौरान जो़ड़े को गर्मी महसूस हुई और वो एयरकंडीशन चालू रखने के लिए गाड़ी स्टार्ट कर देते हैं। लेकिन इन रोमांटिक पलों में जोश में आकर ग़लती से किसी ने कार को रिवर्स गियर में चला दिया और कार बिल्डिंग की दीवार को तोड़ती हुई 60 फुट की उंचाई पर ख़तरनाक तरीके से लटक गई।

जरा नीचे से देखें

 

इस हादसे के बाद बिल्डिंग के 60 फुट नीचे से गुज़र रहे लोगों जब क्यू होउ की 43 वर्षीय गर्लफ्रेंड लिली के चिल्लाने की आवाज़ सुनी हैं, तब कहीं जाकर इस जोड़े की जान बच पाई।

 

मौके पर पहुंचे लोगों ने किसी तरह इस जोड़े को सावधानी से कार से बाहर निकाला, जो कि केवल धुंआ निकालने वाले पाइप के सहारे दीवार से अटकी हुई थी।
इस मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा “वे काफी शर्मिंदा थे, लेकिन अपनी जान बच जाने के लिए शुक्रगुजार थे।”

 

(पोस्ट भास्कर में छपी खबर पर आधारित)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.