/लोकसभा में मिर्च का स्प्रे…

लोकसभा में मिर्च का स्प्रे…

लोकसभा में तेलंगाना बिल को लेकर जारी गतिरोध के बीच बृहस्पतिवार को सदन में उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब स्पीकर समेत कई सांसद अचानक खांसने और आंखें मीचने लगे. इसके तुरंत बाद संसद भवन में तीन एंबुलेंस बुलाई गई और तीन सांसदों पूनम प्रभाकर, विनय कुमार पांडेय और बलराम नायक को राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है.pepper spray in parliament

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संसद में अलग तेलंगाना राज्य के गठन को लेकर जैसे ही गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बिल पेश किया वहां जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया. आंध्र प्रदेश के कुछ कांग्रेस सांसदों ने बिल की प्रति गृहमंत्री के हाथ से छीनने की कोशिश की, वहीं विजयवाड़ा से कांग्रेस सांसद लगाड़ापति राजागोपाल ने अन्य सांसदों की ओर मिर्च पाउडर से भरा स्प्रे उड़ाना शुरू कर दिया. कुछ सांसदों को तेज खांसी और आखों में जलन होने लगी. इसके तुरंत बाद तीन सांसदों को तुंरत एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजा गया. कई और सांसदों के बीमार होने की खबर है.

इस बीच, तेलगूदेशम पार्टी के सांसद वेणुगोपाल रेड्डी ने माइक तोड़कर खुद की पेट में घुसाने की कोशिश की. इसके अलावा सदन में चाकू लहराने की भी बात सामने आई, लेकिन कुछ सांसद इस बात को गलत बता रहे हैं. कुछ अन्य तेलंगाना विरोधी सांसदों ने शीशे तोड़ दिए और काले कागज लहराए. इस दौरान तेलंगाना समर्थक और विरोधी सांसदों के बीच हाथापाई भी हुई. खबर यह भी है कि मछलीपत्तनम से टीडीपी सांसद के नारायण राव ने सीने में दर्द की शिकायत की और बेहोश होकर गिर पड़े. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि उन्हें दिल का दौड़ा पड़ा है. राव को राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है.

उधर, सांसदों के हंगामे के बाद सदन की धारा 374 ए के तहत सीमांध्र के सभी 17 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है.
निलंबित सांसदों की सूची
सब्बम हरि
अनंत वेंकटरामी रेड्डी
रायपति संबासिवा राव
निम्बाला कृसतप्पा
वाई एस जगनमोहन रेड्डी
मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी
एसपीवाई रेड्डी
कोंकल्ला नारायण राव
एम राजमोहन रेड्डी
मगुंता श्रीनिवासुलु रेड्डी
वी अरुणा कुमार
ए साई प्रताप
एल राजागोपाल
सुरेश कुमार शेटकर
के आर जी रेड्डी
गुथा सुखेंदर रेड्डी
निर्माल्ली शिवप्रसाद

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.