/उमेश डोभाल स्मृति एवं सम्मान समारोह इस बार 24-25 मार्च को गैरसैंण में..

उमेश डोभाल स्मृति एवं सम्मान समारोह इस बार 24-25 मार्च को गैरसैंण में..

-अयोध्या प्रसाद ‘भारती’||
रुद्रपुर (उत्तराखंड), पहाड़ में शराब माफिया द्वारा कत्ल कर दिए गये पत्रकार उमेश डोभाल की स्मृति में हर वर्ष होने वाला कार्यक्रम इस बार 24 और 25 मार्च को गैरसैंण में होगा. इसमें समाजसेवा, पत्रकारिता आदि क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है और जनहित तथा पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाता है.umeshdobhalmemorialprogram

उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट के महासचिव ललित मोहन कोठियाल ने बताया कि कार्यक्रम में इस बार मुख्य विषय ‘उत्तराखंड में गैरसैंण’ के मायने रहेगा. उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण में हो यह पहाड़वासियों की हमेशा मांग रही है और न्यायपसंद लोग इसका समर्थन करते रहे हैं लेकिन इस पर मुख्य राजनीतिक दल राजनीति करते आ रहे हैं. जनभावनाओं की अनदेखी के कारण ही यहां विकास कम विनाश ज्यादा हुआ है. इस बार कार्यक्रम में इस विषय पर विचार-विमर्श केंद्रित होगा. ट्रस्ट ने उत्तराखंड में पत्रकारों और जनसरोकारों, साहित्य, संस्कृति, अध्ययन, शोध आदि विविध विषयों से जुड़े लोगों के इस सबसे बड़े इकट्ठ में लोगों से भागीदारी करने की अपील की है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.