/एक और इंटरव्यू देने से पीछे हटे नरेन्द्र मोदी…

एक और इंटरव्यू देने से पीछे हटे नरेन्द्र मोदी…

बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी मीडिया में बोलते तो खूब हैं, उनकी हर रैली का टीवी चैनलों पर लाइव प्रसारण होता है. लेकिन क्या वह सवालों का सामना नहीं करना चाहते?news laundry

न्यूजलॉन्ड्री ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है, ‘हमने एनडीटीवी को अपना चैनल पार्टनर बनाते हुए कैंडिडेट्स 2014 नाम से एक लाइव इवेंट आयोजित किया था. इसके तहत नरेंद्र मोदी को एक महीना पहले ही तैयार कर लिया गया था.

सब कुछ तय था और 3 मार्च 2014 को यह इंटरव्यू होना था. 19 फरवरी से ही इसके प्रोमो चलाए जा रहे थे. हजारों सवाल भी आ चुके थे. लेकिन इवेंट से ठीक दो दिन पहले नरेंद्र मोदी की ओर से कुछ शर्तें लगा दी गईं. हम इन शर्तों को पूरा नहीं कर सकते थे तो मोदी ने इंटरव्यू रद्द कर दिया. इसकी वजह वही बेहतर बता पाएंगे.’

नरेंद्र मोदी ने 2012 में सीएनएन-आईबीएन के करण थापर को इंटरव्यू दिया था और उसे भी वह छोड़कर चले गए थे. यह इंटरव्यू तीन मिनट ही चल पाया था.

इससे पहले 2011 में एनडीटीवी के विजय त्रिवेदी ने नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू किया था, लेकिन तब भी पानी मांगने के बहाने उन्होंने इंटरव्यू खत्म कर दिया था.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.