/गुजरात पुलिस ने अरविंद केजरीवाल को हिरासत में लेकर छोड़ा…

गुजरात पुलिस ने अरविंद केजरीवाल को हिरासत में लेकर छोड़ा…

गुजरात के दौरे पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के काफिले को पुलिस ने पाटन जिले के राधनपुर में रोक दिया और आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में केजरीवाल को हिरासत में ले लिया और फिर छोड़ दिया. हालांकि गुजरात पुलिस का कहना है कि हमने केजरीवाल को हिरासत में नहीं लिया था.arvind-namo

इस पर आप के नेता आशुतोष ने कहा, केजरीवाल को हिरासत में लेना यह साबित करता है कि नरेंद्र मोदी डर गए हैं.

आप नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि गुजरात जाने के लिए केजरीवाल को मोदी जी की अनुमति नहीं चाहिए. कहीं कोई तो घबरा रहा है, कौन है, यह अभी कह नहीं सकते. केजरीवाल ने गुजरात में कोई झंडा नहीं फहराया और न ही प्रचार किया, इसके बावजूद वह हिरासत में लिए गए.

इससे पूर्व, गुजरात के चार-दिवसीय दौरे पर पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि वह राज्य के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद के भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के विकास के दावों की पड़ताल करेंगे.

हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद केजरीवाल ने कहा, गुजरात सरकार और मीडिया कहता है कि राज्य में ‘रामराज्य’ है. (वे कहते हैं) शिक्षा का विकास हुआ है स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों का समाधान निकाला गया है, भ्रष्टाचार खत्म हो गया है… इसलिए हम यहां गुजरात के विकास को देखने आए हैं. केजरीवाल के साथ अन्य ‘आप’ नेता भी आए हैं, जिनमें मनीष सिसौदिया और संजय सिंह शामिल हैं. उनका यहां पहुंचने पर बड़ी संख्या में ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.