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भाजपा नेताओं को खुश करने भेजता था पत्नी व बेटी..

By   /  March 22, 2014  /  3 Comments

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दिल्ली से सटे साहिबाबाद में बीजेपी नेता चौधरी धर्मवीर को उन्हीं के दामाद सुनील ने गोली मार हत्‍या कर दी है. सुनील ने अपने ससुर की हत्या के बाद पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया. समर्पण के बाद सुनील ने आरोप लगाया कि धर्मवीर अपनी पत्नी और बेटी को भाजपा के बड़े नेताओं को खुश करने भेजता था.pistol

धर्मवीर साहिबाबाद के गरिमा गार्डन कॉलोनी के रहने वाले हैं. वो पार्टी के वार्ड अध्यक्ष भी थे. दामाद के गोली मारने के बाद घरवालों ने धर्मवीर को गंभीर अवस्‍था में जीटीबी अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

थोड़ी देर बाद गोली मारने वाले दामाद सुनील ने साहिबाबाद थाने में जाकर सरेंडर कर दिया. दामाद सुनील ने अपने ससुर चौधरी धर्मवीर के उपर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

सुनील का कहना है कि उसकी शादी 18 साल पहले हुई थी. लेकिन पिछले 8 महीने से मेरी बीवी मेरे साथ ना रहकर अपने पिता के घर में रहने लगी थी. पिता ने मेरी पत्नी को जबरदस्ती अपने घर में रखा हुआ था. वह पार्टी की ओर से टिकट पाने के लालच में नेताओं को अपनी बेटी और मेरी पत्नी को उनके घरों में गंदे काम के लिए भेजा करता था. इलाके में रसूख होने के कारण कोई इससे उलझना नहीं चाहता था.

मैं अपने ससुर की इन हरकतों से बहुत परेशान हो गया था, इस कारण आज मैंने उसे गोली मार दी. पुलिस ने बताया कि सुनील की 4 लड़कियां और 2 लड़के हैं.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. Lalit Sharma says:

    BDI SHRMNAAK HAI Y GALT HAI

  2. राजनीति में पाने के लिए क्या कुछ नहीं होता यह इसकी एक मिसाल मात्र है,टिकट लेने व देने वालों की समस्त मर्यादा समाप्त हो चुकी है ऐसे लोग देश का क्या भला करेंगे.भारतीय राजनीति के एक और कलुषिमा को इंगित करती है यह घटना.

  3. mahendra gupta says:

    राजनीति में पाने के लिए क्या कुछ नहीं होता यह इसकी एक मिसाल मात्र है,टिकट लेने व देने वालों की समस्त मर्यादा समाप्त हो चुकी है ऐसे लोग देश का क्या भला करेंगे.भारतीय राजनीति के एक और कलुषिमा को इंगित करती है यह घटना.

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