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चुनावों में आकाशवाणी की भूमिका अहम..

-डा. देवाशीष बोस||

लोकसभा चुनाव में मीडिया की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए बिहार के अपर निर्वाचन पदाधिकारी आर.लक्ष्मणन ने कहा कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रूप में चुनाव की गतिविधियों पर पैनी नजर रखता है. लिहाजा मीडिया में चुनाव को लेकर आयी खबरों पर आयोग की नजर रहती है और आयोग इसे संज्ञान में लेकर कार्रवाई भी करता है.laxman

आकाशवाणी पटना के प्रादेशिक समाचार एकांश के तत्वावधान में आयोजित प्रसार भारती के संवाददाताओं के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री लक्ष्मणन ने आकाशवाणी दूरदर्शन के संवाददाताओं से अपील की कि वे आदर्श आचार संहिता पर विशेष नजर रखें तथा कोई भी राजनीतिक दल इसकी अवहेलना करता है तो उसे खबर बनायें. उन्होंने कहा कि चुनाव में धन और बाहुबल के इस्तेमाल की शिकायत मिलती रही है लेकिन आयोग के कड़े रूख के कारण इस पर काफी हद तक अंकुश लग पाया है.

उन्होंने कहा कि आयोग और मीडिया के संयुक्त प्रयास से राज्य में निष्पक्ष निर्भीक और शांतिपूर्ण चुनाव का माहौल बना है. मतदाता बिना डरे अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे मतदाता का प्रतिशत भी बढ़ रहा है. अपर निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विगत लोकसभा चुनाव में बिहार में मतदान की दर महज 44 प्रतिशत थी. जबकि राष्ट्रीय औसत 70 प्रतिशत रहा है. इस बार के चुनाव में अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें, इसे लेकर चुनाव आयोग मतदाता जागरूकता अभियान चला रहा है. इस अभियान में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है. खासतौर से आकाशवाणी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दूर दराज में इसकी पहुंच है और मतदान प्रतिशत को बढ़ाने में यह अहम भूमिका निभा सकता है.

श्री लक्ष्मणन ने बताया कि मतदाताओं को चुनाव के दौरान परेशानी न हो, इसके लिए मतदान केन्द्रों पर जन सुविधाओं को सुनिष्चित करने का आदेश जिला निर्वाचन पदाधिकारी को दिया गया है. इसके अलावा पेड न्यूज के स्क्रिनिंग के लिए गठित जिला स्तरीय समिति में आकाशवाणी के संवाददाता को प्राथमिकता देकर नामित करना है. उन्होंने चुनाव और मतदान के दौरान मतदाताओं को कोई परेशानी होने पर पत्रकारों को अपना मोबाईल नम्बर देते हुए सीधे उनसे संपर्क करने के लिए अनुरोध किया.

कार्यशाला को संबोधित करते हुए पत्र सूचना कार्यालय, पटना के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने राजनीतिक रिपोर्टिंग और चुनाव के दौरान की रिपोर्टिंग से जुड़ी जानकारियों पर प्रकाश डाला. आकाशवाणी पटना के समाचार सम्पादक संजय कुमार ने चुनाव के दौरान रेडियो कवरेज के विभिन्न पक्षों को विस्तार से बताया तथा आचार संहिता का हर हाल में पालन करने का हिदायत दिया तथा लोकतंत्र में लोक सेवा प्रसारक के महत्ता पर बल दिया. आकाशवाणी पटना के संवाददाता दिवाकर कुमार ने चुनाव रिपोर्टिंग के अहम पहलुओं पर प्रकाश डाला. केन्द्राध्यक्ष ब्रजेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यशाला के दौरान बिहार के लगभग सभी जिले से आये प्रसार भारती संवाददाताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किये गये.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.