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सुब्रत रॉय अभी बेसहारा, रहना होगा तिहाड़ में..

By   /  April 8, 2014  /  No Comments

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सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को कुछ और दिन तिहाड़ जेल में काटने पड़ सकते हैं. उनके वकील ने सेबी को तत्काल 2,500 करोड़ रुपये और रिलीज के 21 दिनों के भीतर और 2,500 करोड़ रुपये देने का ऑफर वापस ले लिया है. इससे सहारा ग्रुप के अगले कदम के बारे में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है.Subrata_Roy_Sahara

सेबी सूत्रों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है, जबकि सहारा के वकील ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया कि इस ऑफर को इसलिए वापस लिया गया है, ताकि अदालत के सामने एक और नया ऑफर पेश किया जा सके. इस मामले में अगली सुनवाई बुधवार को होनी है. सूत्रों के मुताबिक, कंपनी अब तत्काल 3,000 करोड़ रुपये पेमेंट करने का ऑफर दे सकती है.

देश की सबसे बड़ी अदालत अब तक सहारा के पेमेंट ऑफर्स को रिजेक्ट करती आई है. 3 अप्रैल को पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने रॉय की रिहाई के लिए 10,000 करोड़ रुपये के भुगतान पर जोर दिया था. अदालत का कहना था कि ग्रुप पर निवेशकों का 37,000 करोड़ रुपये मूलधन बकाया है और तिहाड़ जेल से रिहाई के लिए अपनी मंशा साफ करने के लिए उन्हें फिलहाल कम से कम 10,000 रुपये का भुगतान करना चाहिए.

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  • Published: 4 years ago on April 8, 2014
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  • Last Modified: April 8, 2014 @ 9:52 am
  • Filed Under: देश

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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