Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

मोदी विरोधियों को पाकिस्तान भेजने वाले बयान पर FIR…

By   /  April 21, 2014  /  3 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

बोकारो, नरेंद्र मोदी के विरोधियों को पाकिस्तान जाना होगा जैसा गैरजिम्मेदाराना बयान देने वाले बिहार बीजेपी नेता गिरिराज सिंह के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. देवघर पुलिस ने गिरिराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. देवघर के एसडीएम जे. सामंत ने कहा कि हमने गिरिराज के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है. साथ ही उनके साथ मंच पर मौजूद लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है.modi_girirraj

चुनावी मौसम में नेताओं की बेतुकी बयानबाजी जारी है. इसबार बारी बिहार के बीजेपी नेता गिरिराज सिंह की थी. गिरिराज ने बोकारो में एक चुनावी सभा में कहा कि मोदी को रोकने वाले लोग पाकिस्तान परस्त हैं. गिरिराज ने कहा कि पाकिस्तान परस्त लोग हैं जो मोदी को रोकना चाहते हैं. वो वही लोग हैं जिनका मक्का मदीना पाकिस्तान है, राजनैतिक मक्का मदीना पाकिस्तान है. ये लोग नहीं चाहते कि पाकिस्तान भारत के सामने घुटने टेके.

इससे पहले दुमका में भी एक रैली में गिरिराज सिंह ने कहा कि जो लोग मोदी का विरोध कर रहे हैं, सरकार बनने पर हम उनको पाकिस्तान भेज देंगे. बाद में इस पर सफाई देते हुए गिरिराज ने कहा कि मैंने ये कहा था कि अगर पाकिस्तान मोदी को रोकना चाहता है, कुछ खास तरह के लोग रोकना चाहते हैं तो वो रुकने वाले नहीं हैं.

हाल ही में बीजेपी के उत्तर प्रदेश प्रभारी अमित शाह बदले वाले अपने विवादित बयान के बाद मुश्किल में आ गए थे. चुनाव आयोग ने उनकी रैलियों और जनसभाओं पर रोक लगा दी थी. हालांकि बाद में अफसोस जाहिर करने के बाद चुनाव आयोग ने उन पर लगी रोक हटा ली. लेकिन अब गिरिराज सिंह के आपत्तिजनक बयान पर निशाना साधते हुए कांग्रेस, आरजेडी और जेडीयू ने चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की है.

कांग्रेस नेता अहमद पटेल हम तो शुरू से कह रहे हैं उनका गुप्त एजेंडा है. आज बाहर आ गया. इस तरह के बयान देश के हित में नहीं हैं. चौतरफा हो रहे विरोध के मद्देनजर बीजेपी ने गिरिराज सिंह के बयान से खुद को तो अलग कर लिया. लेकिन यह कहने से नहीं चूकी कि विपक्षी पार्टियों के नेता भी आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं. पर जहां तक सवाल गिरिराज के खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई का है तो उसपर भी बीजेपी ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया.

नरेंद्र मोदी के बयान से बीजेपी ने किनारा कर लिया है. पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा कि पार्टी ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करती और गिरिराज के ये विचार उनके निजी हैं. वहीं गिरिराज ने कहा कि वे अपने बयान पर कायम है. पाक सहित कई लोग मोदी को रोकना चाहते हैं और देश में भी उनके समर्थक है. ये देशद्रोही ताकतें हैं.
वहीं, चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि गिरिराज सिंह के बयान पर जांच की जा रही है. जाहिर है ऐसे में यह सवाल तो उठेगा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी हर मंच से विकास, सुशासन, भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ उनके ही नेता क्यों भड़काऊ और सांप्रदायिक भाषण दे रहे हैं.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. mahendra gupta says:

    ऐसे लोगों का पूरणतः राजनितिक बहिष्कार किया जाना चाहिए. बोलने की आज़ादी का मतलब यह नहीं कि इस प्रकार के घृणित भाषण दिए जाएँ.सभी दलों में ऐसे लोग बैठे हैं , कांग्रेस भी कोई पीछे नहीं है , इसलिए ऐसे बयानों की निंदा मात्र से काम चलने वाला नहीं.

  2. ऐसे लोगों का पूरणतः राजनितिक बहिष्कार किया जाना चाहिए. बोलने की आज़ादी का मतलब यह नहीं कि इस प्रकार के घृणित भाषण दिए जाएँ.सभी दलों में ऐसे लोग बैठे हैं , कांग्रेस भी कोई पीछे नहीं है , इसलिए ऐसे बयानों की निंदा मात्र से काम चलने वाला नहीं.

  3. ऐसे लोगों का पूरणतः राजनितिक बहिष्कार किया जाना चाहिए. बोलने की आज़ादी का मतलब यह नहीं कि इस प्रकार के घृणित भाषण दिए जाएँ.सभी दलों में ऐसे लोग बैठे हैं , कांग्रेस भी कोई पीछे नहीं है , इसलिए ऐसे बयानों की निंदा मात्र से काम चलने वाला नहीं.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

एक क्रांतिकारी सफर का दर्दनाक अंत..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: