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हिमालय बचाओ आन्दोलन की मलेथा-गैरसैण पद यात्रा को सफल बनाने के लिए समीर रतूड़ी ने जताया आभार…

By   /  April 21, 2014  /  No Comments

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हिमालय बचाओ आन्दोलन की 27 दिनों की पद यात्रा मलेथा-गैरसैण पद यात्रा के सफलता हेतु आप सभी लोगों का धन्यवाद. यात्रा शहीद ए आजम भगत सिंह की शहादत दिवस 23 मार्च, 2014 से प्रारंभ होके 18 अप्रैल, 2014 को गैरसैण में समाप्त हुई. आन्दोलन द्वारा यह यात्रा दूसरे चरण की थी, प्रथम चरण की यात्रा 3 मई, 2013 को शिवपुरी से प्रारंभ होके 18 मई, 2013 को मलेथा में समाप्त हुई थी.IMG_6887

18 अप्रैल, 2014 को समापन समारोह में तमाम बुद्दिजीवियो ने यह स्वीकार किया की इतिहास में पहली बार यहाँ यात्रा बदलाव को लेके हुई है, जनता को अपने हक के लिए मुखर करने के लिए हुई है. अमूमन पद यात्रा अध्यन व पर्यटक रुपी की तरह होती है. मुख्य अतिथि के रूप में विधान सभा अध्यक्ष ने अपने अभी भाषण में स्पष्ट तौर पर आन्दोलन के द्वारा उठाये गए मुद्दों को गंभीर बताया और इत्तेफाक रखते हुए सरकार द्वारा जो पहल व प्रयास किये जा रहे हैं उसका विवरण दिया. गढ़ गायक नरेन्द्र सिंह नेगी जी ने अपने दो गीतों से आन्दोलन के भाव को साफ़ दर्शाया. पहाड़ की पीड़ा व हिमालय पे हो रहे दोहन की निति पर जिस प्रकार से नेगी जी ने अपने गीतों में बखान किया व अधभूत व पीड़ा दायक था.

इस यात्रा को सफल बनाने में धन्यवाद स्वरुप मै सर्व प्रथम अपने यात्रा के साथी जिन्होंने पूरे 27 दिन तक मेरा साथ दिया, तमाम दिक्कतों का सामना कर, 7 पहाड़ियाँ को पार कर, कभी घने जंगलों में भय, कभी भूख से त्रस्त, तीन दिन बरसात में चलते हुए सर पर आन्दोलन का बैनर लपेटे हुए, चार रात मोमबत्ती या अँधेरे में गुजारते हुए, कभी दूकान के अन्दर सोते हुए, कभी गोदाम में आश्रय लेते हुए, कई बार बीमार रहे, यात्रा की परेशानी से चिड चिडे स्वभाव, दवाई का सहारा लेके चलते हमारे साथी व मेरे बड़े भाई से ज्यादा मित्र Yuva Deep Pathak जी का आभार जिन्होंने विकट परिस्तिथि होने के वावजूद आन्दोलन के मुद्दों को जन तक पहुचाने की महत्ता को समझकर मेरे साथ यात्रा के अंतिम क्षण तक साथ निभाने का सफल प्रयास किया. यात्रा में शुरूआती दौर में पहले चार दिन व बाद के चार दिन तक यात्रा में सहयोग पहुचाने वाले युवा साथी NirmalKant Vidrohi जी का जिनके पद यात्रा के साथ साथ यात्रा की तैयारी में भी पूरा सहयोग प्रदान किया. यात्रा में शामिल हुए दिल्ली से साथियों में भड़ास4मीडिया के Yashwant Singh जी व हरी भूमि के Rising Rahul जी ने अपने तीन दिन इस यात्रा में सहयोग रुपी प्रदान किये. तीन दिन विकट रास्तों व शरीर के जवाब देने के बावजूद सिर्फ जन संघर्ष के लिए अपने मनोबल को संजो कर यात्रा की. यात्रा में सहयोग व शामिल होने वाले साथियों में लुधियाना के Soban Singh जी का सबसे ज्यादा आभारी हूँ जिन्होंने सारी जिम्मेदारी लेते हुए तमाम बंदोबस्त कराने में हमारी मदद के साथ पद यात्रा भी की. हम यात्रा के बारे में प्रतिदिन सबको सूचना देते रहे इसके लिए हमारे मोबाइल पर रिचार्ज का कार्य वे लगातार करते रहे समापन समारोह के कार्यक्रम को भी पूर्ण करने के लिए उनका सहयोग सलाम करने योग्य है. चंडीगढ़ से दिनेश राणा गढ़वाली जी ने तीन दिन यात्रा में दिए तथा अपने गाँव व आस पास के इलाको में पूर्व से सूचना व रहने के बंदोबस्त में योगदान दिया. लुधियाना से Raju Rana जी, Devendra Rawat जी, पंकज शर्मा, Himani Kavi Kandari, कुसुम पूरी, बलबीर सिंह रावत जी, Sandeep Rawat जी,की पद यात्रा में सहयोग के लिए धन्यवाद.IMG_6862

पद यात्रा में अन्य साथियों में श्री धूम सिंह नेगी जी, जगत सिंह चौधरी (जंगली)जी, स्वामी अश्पष्टानंद, देवेन्द्र कैंथोला, मनोज ममगाईं,उमेद सिंह महरा, राम प्रसाद सुन्डली,, डॉ. विष्णु दत्त कुकरेती, वी.आर.गोदियाल, औतार सिंह नेगी, देवेन्द्र दत्त बलूनी,मनमोहन जोशी, Panchsheel Nautiyal,जगदम्बा रतूड़ी, Jagdish Aswal, प्रमेश प्रसाद मैठाणी, Kuldeep Dhasmana (पम्पलेट का लेखन कार्य भी किया), Vijay Rawat, Surinder Singh Bhandari (समापन समारोह के साथ साथ हमारे फोन को रिचार्ज कराने में सहयोग), लुधियाना से प्रदीप कुमार, बिकरा नेगी, भूपेश जोशी, Hitesh Pathak (पम्पलेट छपवाने में सहयोग व यात्रा में शामिल), Ranjeet Jakhi जी, पी.सी. नौडियाल, रघुवीर सिंह,डॉ. अरविन्द दरमोड़ा, पी.बी.डोभाल, राजेंद्र सिंह राणा, Vrikshmitr DrTrilok Soni जी, का पद यात्रा के शुरुआत के लिए अभूतपूर्व योगदान के लिए साधुवाद.

यात्रा के अलावा बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों में जनके बगैर यह कार्यक्रम का सफल होना मुश्किल था उनमें सबसे पहले हमें मार्ग दर्शन देने वाले, कभी भी हमारी प्राथना को प्राथमिकता देते हुए हमारे लिए हर संभव प्रयास करते हमारे बड़े भाई व वरिष्ठ पत्रकार व सलाहकार, जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार श्री Rajiv Nayan Bahuguna जी आभार व साधूवाद. पूरी यात्रा को संचालित करने में भाई राजीव नयन जी की भूमिका वर्णनीय है. facebook के माध्यम से लोगों तक हमारी गतिविधियों की जानकारी पहुचाते व लोगों को पद यात्रा के दौरान स्तिथि दिखाने में योगदान स्वरुप धर्म सिंह बुटोला जी, Sushil Bahuguna, Kunal Tewari, Vineet Fulara, soban सिंह मेहर, surinder भंडारी, दिनेश राणा, Bs Rawat, Satish Saklani, जगमोहन सिंह जयाड़ा जिज्ञासु का आभार.

गैरसैण में कार्यक्रम सफल करने में श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम का आभार, Purushottam Asnora व Gajendra Nautiyal जी का विशेष आभार.
गणेश गरीब,मंगल सिंह रावत, सत्य प्रसाद, घिल्डियाल,प्रेम लाल अग्रवाल, रवि मोहन, jeevan कार्की,पूरण डंगवाल, चतुर सिंह नेगी, हेम गैरोला, शिवनारायण सिद्ध,मयंक सिंह नेगी, Vinod Nautiyal जी, रमेश कांडपाल, बालाद्त्त तिवारी, Subhash Trehan जी, रमेश पांडे (कृषक), राजेंद्र रावत (अल्मोड़ा), रणवीर सिंह पंवार,राम सिंह पंवार, राजेन्द्र तिवारी (लक्ष्मी आश्रम, कौसानी), Surendra Grover जी, उर्मिला ढौंडियाल, श्री अनंत दास के सहयोग के लिए साधूवाद.

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  • Published: 4 years ago on April 21, 2014
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  • Last Modified: April 29, 2014 @ 6:18 am
  • Filed Under: देश

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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