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कोतवाल झुंझुनू ढ़ाई लाख रूपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार..

By   /  April 29, 2014  /  1 Comment

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-रमेश सर्राफ धमोरा||

झुंझुनू, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा मंगलवार को अश्वनी शर्मा, थानाधिकारी एवं धर्मपाल, सहायक उप निरीक्षक पुलिस, झुन्झुनू कोतवाली को ढ़ाई लाख रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की महानिरीक्षक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि परिवादी इन्द्रजीत पुत्र जगमाल सिंह यादव, निवासी रीको कालोनी, झुंझुनू ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई कि उसके खिलाफ कासिम नामक व्यक्ति ने न्यायालय के मार्फत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाई थी जिसकी तफ्तीश अश्वनी शर्मा कोतवाल झुंझुनू कर रहे है।

परिवादी इन्द्रजीत का प्लाट है जिसका कासिम से सादे कागज पर लिखा-पढी की थी और 20.00 लाख रू. का चैक प्राप्त कर लिया था। छ: महिने में रजिस्ट्री कराने हेतु दोनो पक्ष सहमत हुऐं थे, बाद में सौदा टूट गया तो इन्द्रजीत ने नत्थू खां दूसर पक्ष के साथ प्लाट के बेचान का ईकरारनामा कर नोटरी तस्दीक करवा लिया। लेकिन यह पक्ष भी पहले पक्ष कासिम से मिल गया और उसे इकरारनामे की प्रतिलिपि दे दी।

इस मुकदमें के सिलसिले में कोतवाल लगातार गिरफ्तारी की धमकी दे रहे थे और कोतवाल के कहने पर सहायक उप निरीक्षक पुलिस धर्मपाल यादव परिवादी को बार-बार थाने लाकर बैठा देते थे। ब्यूरो कार्यालय सीकर द्वारा दिनांक 28.04.14 को रिश्वत मांग का सत्यापन किया तो सहायक उप निरीक्षक व एस.एच.ओ द्वारा 2.50 लाख रू. मांग की पुष्टि हुई। इस पर ब्यूरो की सीकर टीम द्वारा आज सहायक उप निरीक्षक पुलिस धर्मपाल को थाने परिसर में ही ढ़ाई लाख रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया। कोतवाल अश्वनी शर्मा भी उस समय थाने में ही मौजूद मिले जिन्हें पूछताछ के बाद थाने से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उक्त मामलें में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियमके तहत अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

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  • Published: 4 years ago on April 29, 2014
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  • Last Modified: April 30, 2014 @ 11:44 am
  • Filed Under: अपराध

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. कोई डर नहीं, नित्य पकडे जाते हैं,पर इन पर कोई असर नही अब उस आलिशान मकान के बजाय सरकारी आवास में`सलाखों के पीछे रहना होगा तब आनंद आएगा उनहें

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