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इंडियन एक्सप्रेस के कर्मचारी मजीठिया के लिए आमरण अनशन पर..

By   /  May 13, 2014  /  No Comments

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मजीठिया को लेकर तकरीबन हर अखबार में ऊहा-पोह की स्थिति है. जनता के अधिकारों के लिए लड़ने वाले पत्रकार अपने हक़(मजीठिया) की लड़ाई लड़ने को तत्पर हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में देश के सभी अखबार मालिकों से अप्रैल महीने से मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने का आदेश दिया था.HUN 1

बड़े दुख की बात है कि ‘जर्निलिज्म आफ करेज’ की पत्रकारिता करने वाले ‘द इंडियन एक्सप्रेस लिमिटेड’ ने सुप्रीम कोर्ट को आदेश के बावजूद अपने कमर्चारियों को मजीठिया सिफारिशों के अनुरूप नया वेतन नहीं दिया है.

नतीजतन नाउम्मीद कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया है. शुक्रवार से सभी कर्मचारी काला बिल्ला लगा कर विरोध कर रहे हैं. सोमवार से इंडियन एक्सप्रेस समूह के कर्मचारी राजेंद्र शर्मा, पीयूष कुमार वाजपेयी, ईश्वरपाल सिंह, विष्णु शर्मा, मुकेश शर्मा और महेश मलिक ने भूख हड़ताल शुरू की. इनमें से राजेंद्र शर्मा आमरण अनशन कर रहे हैं. इसके अलावा इंडियन एक्स्प्रेस यूनियन ने प्रबंधन को कानूनी नोटिस भी थमाया है. धरना-प्रदर्शन आइटीओ स्थित इंडियन एक्स्प्रेस दफ्तर के बाहर शुरू किया गया है.

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  • Published: 4 years ago on May 13, 2014
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  • Last Modified: May 13, 2014 @ 3:58 pm
  • Filed Under: मीडिया

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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