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नीतीश ने चलाया करप्शन से निबटने का नया फॉर्मूला, IAS अफसर के मकान में खुलवाएंगे स्कूल

By   /  September 6, 2011  /  2 Comments

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भ्रष्टाचारियों के खिलाफ नीतीश सरकार के अभियान को उस समय सफलता मिली, जब रविवार को पटना जिला प्रशासन ने आइएएस अधिकारी एसएस वर्मा का आलीशान मकान सील कर दिया। यह देश की पहली ऐसी घटना है, जब भ्रष्ट आइएएस अधिकारी की संपत्ति जब्त की गयी। विशेष अदालत के फैसले के बाद श्री वर्मा पटना हाइकोर्ट  भी गये थे, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। राज्य सरकार ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि ऐसे मकानों में स्कूल खोले जाएंगे।

सील हुआ मकान

पटना/दानापुर : आइएएस अधिकारी एसएस वर्मा की एक करोड़ 43 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। रविवार को उनके पटना के रुकनपुरा स्थित मकान को जब्त किया गया। डीएम संजय कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की। सुबह 11 बजे के करीब जब अधिकारी जब्ती के लिए उनके मकान पर पहुंचे, तो वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद मकान जब्त करने का नोटिस चिपका कर टीम लौट गई।

मिस्त्री बुला कर तोड़ा गया ताला

टीम फिर शाम चार बजे के करीब वहां पहुंची।सवा चार बजे सबसे पहले मिस्त्री बुलवा कर मुख्य गेट का ताला तोड़ा गया। 25 मिनट  के बाद बरामदे में लगा ताला तोड़ा गया। इसके बाद जिला प्रशासन की टीम ने वहां नया ताला लटका कर उसे सील कर दिया।

इसके बाद मुख्य गेट पर पेंट से लिखा गया कि इस मकान को सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया है। अंत में साढ़े पांच के करीब मुख्य द्वार पर प्रशासन ने नया ताला लगा कर उसे सील कर दिया। टीम में अपर समाहर्ता सुरेश शर्मा, दानापुर के एसडीओ कार्तिकेय धनजी व कई दंडाधिकारी शामिल थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की भी तैनाती की गयी थी, ताकि किसी प्रकार का विरोध होने पर मुकाबला किया जा सके।

पहले से लटका था ताला
श्री वर्मा के आवास पर पहुंची टीम ने बताया कि मकान में पहले से ताला लटका था। आवास के अंदर जाने के बाद बाहर रखे गये सामान की लिस्ट तैयार की गयी। हालांकि, अधिकारी मकान के भीतर (कमरों में) नहीं गए। अब सीजर लिस्ट कोर्ट को सौंपा जायेगा। टीम में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि करीब पांच-छह दिन पूर्व श्री वर्मा को नोटिस सौंपा गया था। इसके बाद से वह इस मकान में नहीं आये।

डीएम को किया गया था अधिकृत

सरकार ने श्री वर्मा की पटना स्थित मकान व अन्य संपत्ति जब्त करने के लिए पटना के डीएम को अधिकृत किया था।

इसके बाद डीएम ने अपर समाहर्ता को इसके लिए अधिकृत किया और फिर टीम गठित की गयी। इससे पूर्व श्री वर्मा ने अपना मकान किराये पर उठाने के लिए भी स्पेशल कोर्ट से इजाजत मांगी थी, पर कोर्ट ने ऐसा करने से मना कर दिया था।

हाइकोर्ट से नहीं मिली थी राहत

नीतीश सरकार ने भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए फरवरी, 2010 को विशेष न्यायालय गठित किया था। 15 मार्च, 2011 को विशेष अदालत ने श्री वर्मा की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ श्री वर्मा ने पटना हाइकोर्ट में अपील की थी।

हाइकोर्ट ने पिछले 19 अगस्त को उनकी अपील खारिज कर दी थी। इसके बाद एसएस वर्मा की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गयी।

रिश्तेदारों की भी संपत्ति होगी जब्त

श्री वर्मा के साथ ही उनके पिता रामपाल वर्मा, पत्नी उषा वर्मा व ससुर श्याम लाल सिंह के नाम की संपत्ति भी जब्त की जायेगी।

जब्त होनेवाली अन्य संपत्ति में बिहार और उत्तरप्रदेश में श्री वर्मा के चार प्लॉट भी हैं। एसएस वर्मा के साले चंद्रपाल सिंह व कृष्णपाल सिंह और अन्य संबंधियों सुमन वर्मा और उपेंद्र प्रसाद सिंह की संपत्ति भी जब्ती सूची में शामिल है।

– ये भी घेरे में
* गिरीश कुमार : ट्रेजरी क्लर्क
* योगेंद्र कुमार सिंह : गया नगर निगम के पूर्व राजस्व अधिकारी
* कपिलमुनि राय : परिवहन अधिकारी
* नागा राम : पूर्णिया के पूर्व आरडीडीइ
* रघुवंश कुंवर : औरंगाबाद के पूर्व एमवीआइ
* संपत्ति जब्त करने केकई मामले कोर्ट में
* नारायण मिश्रा (पूर्व डीजीपी)
* वाइके जायसवाल (ड्रग कंट्रोलर)
* कालिका प्रसाद (आइएएस)
* श्रीकांत प्रसाद (अo अभियंता)
* डीएन चौधरी (राजभाषा निदेशक)
* अवधेश प्रसाद सिंह (मुo अभियंता)।
* लोक सेवकों के खिलाफ डीए के 87 मामले कोर्ट में चल रहे हैं।

– कब क्या हुआ?
* 06 जुलाई ,2007 एसएस वर्मा के आवास पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट की छापेमारी
* 10 फरवरी ,2010 विशेष न्यायालय के गठन की अधिसूचना जारी
* 17 मार्च ,2011 विशेष अदालत ने एसएस वर्मा की संपत्ति जब्त करने का फैसला सुनाया
* 19 अगस्त ,2011 पटना हाइकोर्ट ने एसएस वर्मा की अपील खारिज की
* 04 सितंबर ,2011 मकान सील

– मिला था साढ़े नौ किलो सोना
* निगरानी द्वारा जब्त की गयी संपत्ति :16.5 लाख नकद, 3.5 लाख के जेवरात, विभिन्न बैंकों में 20 लाख रुपये जमा, साढ़े नौ किलो सोना,
* प्रशासन द्वारा जब्त संपत्ति : रुकनपुरा स्थित आलीशान मकान
* जब्त होनेवाली संपत्ति : फ़ुलवारीशरीफ़ में 13.5 डिसिमल जमीन, रायबरेली (यूपी)स्थित संपत्ति

 

(साभार- प्रभात खबर)

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. ANAND KUMAR says:

    CM BIHAR NITISH JE BADHAI KE PATRA HAIN. AISHA KARYA KIYA JAYE TO DESH ME HAZARO AISHA PRATMIK VIDYALAY HOGA.

    ANAND KUMAR
    MAU, UP

  2. Tushar Kant Upadhyay says:

    नितीश जी , इस राज्य में बड़े बड़े घोटाले हुआ है . कभी किसी राजनेता पर भी हाथ रख कर तो देखिये . बड़े की बात तो दूर किसी छुटभैया को भी छो कर देखिये. कल तक बस की खलासी, गाय दुहने वाला , दिन भर ब्लाक के अधिकारियो के चक्कर लगाने वाला आज आलिशान बंगलो और शानदार गाडियों का मालिक कैसे बन गया .हजारो करोर के लूट में सिर्फ निचले तबके के अधिकारी सजा पाए , पर सारे नेता आजाद है और आपके आसपास है . सोचिये ! ये आडम्बर कब तक चलेगा .

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