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हेमराज की विधवा ने कहा, मेरे पति का सिर लायें नवाज शरीफ..

By   /  May 26, 2014  /  No Comments

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मथुरा, सीमा पर शहीद हुए सैनिक हेमराज की पत्नी ने नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को निमंत्रण दिये जाने की निंदा करते हुए कहा कि शरीफ उनके पति का सिर लाएं अथवा निर्मम हत्या की निंदा करें. हेमराज की पत्नी धर्मवती ने कहा, ‘शरीफ मेरे पति का सिर साथ लायें अथवा पेरे पति का सिर कलम करने की पाकिस्तानी सैनिकों की बर्बर करतूत की सार्वजनिक तौर पर निंदा करें.’  लांस नायक हेमराज की पिछले साल आठ जनवरी को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों की हत्या कर दी थी और उनका सिर काट कर ले गये थे.Hemrajs-widow

धर्मवती ने कहा, ‘वास्तव में मोदी को शरीफ को आमंत्रित नहीं करना चाहिए था. मैंने मथुरा में मोदी की चुनावी सभा के बाद भाजपा को वोट दिया. मोदी ने उस सभा में मेरे पति के मामले को लेकर मनमोहन सरकार की निष्क्रियता पर निशाना साधा था और पाकिस्तान को चुनौती दी थी.’  यह पूछे जाने पर कि भारत ने इस करतूत का अब बदला क्यों नहीं लिया तो उन्होंने दावा किया, ‘जनरल वीके सिंह ने उस वक्त बदला लेने का वादा किया था.’

आज से भूख हड़ताल
धर्मवती देश में शरीफ की मौजूदगी के खिलाफ सोमवार से भूख हड़ताल करने की योजना बना रही हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं 26 मई से भूख हड़ताल करूंगी और यह तब तक जारी रहेगा जब तक शरीफ भारत में रहेंगे. अगर वह अपने सैनिकों की करतूत पर खेद प्रकट नहीं करते तो इसका मतलब यह होगा कि वह बदले नहीं है.’

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  • Published: 4 years ago on May 26, 2014
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  • Last Modified: May 26, 2014 @ 7:59 am
  • Filed Under: देश

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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