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गोरखधाम एक्सप्रेस के 7 डिब्बे पटरी से उतरे, बीस की मौत..

By   /  May 26, 2014  /  No Comments

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नई दिल्ली से गोरखपुर जा रही गोरखधाम एक्सप्रेस के 7 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं. संत कबीर नगर के डीएम के मुताबिक इस हादसे में 20 लोगों के मरने की आशंका है. और 100 से ज्यादा यात्रियों के घायल होने की खबर है. गोरखधाम एक्सप्रेस ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई. टक्कर इतनी तेज थी कि इंजन सहित गोरखधाम एक्सप्रेस की 7 बोगियां पटरी से उतर गईं. इस ट्रैक पर आखिर मालगाड़ी कैसे आ गई इसका पता अभी नहीं चल पाया है.TRAIN

train-accidentशुरुआती जानकारी के मुताबिक गोरखपुर से 35 किलोमीटर दूर ये हादसा हुआ. इलाका शहर से दूर है जिस वजह से राहत काम शुरू करने में काफी वक्त लगा. ये सुपरफास्ट ट्रेन है दिल्ली से गोरखपुर जा रही थी तभी ये हादसा है. आमतौर पर इस ट्रेन में काफी भीड़ होती है. आजकल गर्मी की छुट्टियां चल रही है. ऐसे में भीड़ काफी ज्यादा है इस समय इस ट्रेन में रिजर्वेशन मिलना भी काफी मुश्किल होता है.

खबरों के मुताबिक अभी भी ट्रेन में कई लोग के फंसे हुए हैं. फिलहाल घायलों को वहां गोरखपुर और संतकबीर नगर भेजा जा रहा है. हादसे के बारे में अभी तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है. गोरखधाम एक्सप्रेस लंबी दूरी की ट्रेन है. इस ट्रेन के जनरल डिब्बे में काफी भीड़ होती है. पूर्वांचल के काफी यात्री इस ट्रेन से सफर करते हैं.

रेलवे ने हादसे के जांच के आदेश दिए हैं. वहीं यूपी के सीएम अखिलेश यादव, सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने हादसे पर दुख जताया है.

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  • Published: 4 years ago on May 26, 2014
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  • Last Modified: May 26, 2014 @ 2:07 pm
  • Filed Under: देश

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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