/धारा 370 हटाने की क़वायद शुरू..

धारा 370 हटाने की क़वायद शुरू..

नयी दिल्ली. लगता है नरेन्द्र मोदी सरकार ने कामकाज विवादों से हाथ मिला कर शुरू करना तय किया है. पीएमओ से प्राप्त खबरों के अनुसार जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाया जा सकता है. पीएमओ के राज्यमंत्री डॉo जीतेन्द्र सिंह ने बताया कि अनुच्छेद 370 को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है और जल्दी ही कोई निर्णय सामने आएगा.j and k

पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में जीतेन्द्र सिंह ने बताया कि विशेष दर्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सभी आवश्यक कदम उठाये जायेंगे. सरकार मामले से जुड़े सभी पक्षों से बात कर रही है. गौरतलब है कि भाजपा ने जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने का समर्थन करते हुए लोकसभा चुनाव लड़ा और आधे से अधिक सीटें जीतीं. जीतेन्द्र सिंह जम्मू और कश्मीर के उधमपुर से लोकसभा के सदस्य हैं. संविधान में विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाना भाजपा का चुनावी वादा रहा है और पार्टी लम्बे समय से जम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे का विरोध कर रही है. पार्टी का दावा है की बाजपेयी सरकार के पास पूर्ण बहुमत के आभाव में ये काम रुका हुआ था.

अगर केंद्र ऐसा कोई भी कदम उठता है तो राज्य सरकार के विरोध की प्रबल सम्भावना है. अब्दुल्ला परिवार पहले ही इस प्रस्ताव का खुल कर विरोध कर चुका है और इस बार भी वैसा ही विरोध देखने को मिल सकता है जैसा इसके पूर्व में फारूख और उम्र अब्दुल्ला ने प्रकट किया था.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.