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गूगल की सेल्फ ड्राइविंग कार से यात्रियों को मिलेगी राहत…

By   /  May 29, 2014  /  No Comments

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गूगल ने ट्रांसपोर्टेशन और यात्रियों कि असुविधा को देखते हुए एक ऐसी हाईटेक कार का निर्माण किया है जो बिना ड्राईवर के चलेगी और आपको आपकी मंजिल तक पहुंचाएगी. यह कार दिखने में बिल्कुल गोंडोला जैसी दिखती है. वास्तव में यह गूगल के ही इमेजिनेशन कि देन है. गूगल के को-फाउंडर सेर्गेय ब्रिन ने कलिफ़ोर्निया में रेंचो पलोस वेर्देस की एक कांफ्रेंस में जानकारी दी कि इस कार का निर्माण उन्होंने एक प्रोजेक्ट के तहत किया जिसके तहत वह उन लोगो की दुनिया बदल देना चाहते हैं जिन्हें यातायात की सेवा से नाखुश हैं.early-vehicle-lores

यह कार  अब तक की नार्मल कारों से बिल्कुल अलग है. इसमें न तो कोई स्टीयरिंग व्हील है, ना ही एक्सेलरेटर और ब्रेक पेडल. यह कार उसी कंपनी ने डिज़ाइन कि है जिसने दुनिया का सबसे पहेला होम पेज डिजाईन किया था. उसने कार की बैक सीट, शीशा, ग्लोव कम्पार्टमेंट और स्टीरियो भी बनाया है. इसके आलवा इसमें बहुत सारे सेंसर, सेल्फ ड्राइविंग साफ्टवेयर भी हैं जिनका प्रयोग गूगल अब तक टायोटा और लेक्सस एसयूवी में कर चुके हैं. लगभग पांच साल से इसे सिटी और स्ट्रीट कि सड़कों पर चलाने की प्रक्टिस जारी है. हालाँकि यह कहना थोडा अजीब लग रहा है मगर सेल्फ ड्राइविंग यह कार अब तक 700,000 मील तक दूरी टेस्टिंग के दौरान तय कर चुकी है. कंपनी का दावा है की यह कार किसी भी प्रकार की स्थिति का सामना कर सकती है. मगर अब तक जितनी बार भी इसे टेस्ट ड्राइव पर ले गए हैं इसके मूवमेंट पर नजर रखने के लिये दो गूगल कर्मचारी रहे हैं.

प्रोजेक्ट डायरेक्टर क्रिस उर्मसन  का कहना है कि इस नई कार को चलाने के लिये किसी भी प्रकार कि मानव सेफ्टी का उपयोग नहीं किया जा रहा है. इसका अपना एक कम्प्यूटर सिस्टम है जो इसे कंट्रोल करेगा. दूसरी बाट यह गुड लुकिंग भी है अब तक इसमें कोई खामी नजर नहीं आई है. इसमें नए और बेहतर सेंसर का प्रयोग हुआ है जो 360 डिग्री के एंगल और दो फूटबाल मैदान तक की दूरी पर होने वाली हलचल का पता आसानी से लगा लेगी. उनका यह भी कहना है कि अभी वह इस कार को मार्केट में लांच नहीं करेंगे वह बस अपने करीबी दोस्तों कि मदद से इसे कारगर साबित कर्ण चाहते हैं.

गूगल एसएपी के स्ट्रीट्स में इस कार को सबसे पहले उतरना चाहती है, वह इसका परिक्षण कलिफ़ोर्निया के माउन्टेंस एरिया में करेगी. उर्मसन का चना है कि अगले दो सैलून में लगभग ऐसी 100 कारों के निर्माण का विचार है और जल्द ही हम यह कार कस्टमर को सौपं देगें जो कार चलाने वाले हैं या नहीं चलाना जानते हैं. शारीरिक अक्षमता के शिकार लोगों के लिए यह कार वरदान साबित हो सकती है। ऐसे लोग इस कार का उपयोग बिना किसी मानवीय मदद के कर पाएंगे। कहीं आने-जाने के लिए उन्हें किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी.

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