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सुब्रत राय मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रखा..

By   /  May 29, 2014  /  No Comments

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सहारा समूह ने राय की जमानत पर रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट को एक नया प्रस्ताव दिया. सहारा प्रमुख सुब्रत राय के, स्वयं को हिरासत में रखने के आदेश में बदलाव के लिए दाखिल ताजा आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रखा.subrata-roy-tihar-650x330

सहारा प्रमुख द्वारा दायर अर्जी में जमानत के साथ ही संपत्तियों को बेचने पर लगी रोक को हटाने की अपील की गई थी, जिससे सुब्रत रॉय की रिहाई के लिए जरूरी 10 हजार करोड़ रुपये जुटाने में मदद मिल सके.

सहारा ग्रुप को पिछले आदेश के मुताबिक, 5 हजार करोड़ रुपये कैश और पांच हजार करोड़ रुपये की बैंक गारंटी कोर्ट को देनी है और यह तभी संभव है जब उसके खातों और संपत्ति को बेचने पर से रोक हटाई जाए.

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  • Published: 4 years ago on May 29, 2014
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  • Last Modified: May 29, 2014 @ 4:42 pm
  • Filed Under: देश

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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