/दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर धमाका, बम धमाके के बाद का मोबाइल पर रिकॉर्डेड वीडियो

दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर धमाका, बम धमाके के बाद का मोबाइल पर रिकॉर्डेड वीडियो

दिल्ली हाई कोर्ट के गेट नंबर पांच पर जबरदस्त धमाका हुआ है। गृह सचिव आरके सिंह ने बताया कि इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई है। 50 लोग जख्मी है। उन्होंने बताया कि धमाका सुबह 10:14 बजे हुआ। बम एक सूटकेश में रखा था बम। गेट नंबर 5 के पास एक विजिटर काउंटर के पास ये बम सूटकेश में रखा गया था।

कहा जा रहा है कि ये धमाका गेट नंबर पांच की पार्किंग में हुआ। धमाके के वक्त बहुत जोर से अवाज हुई और चारों तरफ अंधेरा छा गया। फिलहाल हाईकोर्ट परिसर में अफरातफरी का माहौल है। ज्वॉइंट सीपी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि धमके की वजहों की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस के पास कोई इनपुट नहीं मिले थे।

पुलिस के मुताबिक घायलों को राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये धमाका सुबह 9.58 मिनट पर हुआ। आईबीएन7 संवाददाता के मुताबिक धमाके के बाद कुछ डेड बॉडी को ले जाया गया है।

पुलिस को शक है कि और जिंदा बम हो सकते हैं। इस धमाके पर गृह मंत्रालय नजर रख रहा है। पुलिस हाईकोर्ट परिसर को पूरी तरह से खाली कराने की कोशिश कर रहा है। पूरी दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
घायलों को राममनोहर लोहिया और सफदरगंज अस्पताल ले जाया गया है। वहीं, पुलिस ने पूरे कोर्ट परिसर की नाकेबंदी कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वो धमाका स्थल पर भीड़ न लगाएं।

 

देखें बम धमाके के बाद का वीडियो. जिसे एक प्रत्यक्षदर्शी ने अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड किया तथा यूट्यूब पर अपलोड किया. जिसे IBN  ने भी दिखाया..

http://youtu.be/w67wm93qODE

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.