/क्या मनमोहन सिहं को दिए महंगाई कम करने के उपायों पर भी अमल करेंगे मोदी …

क्या मनमोहन सिहं को दिए महंगाई कम करने के उपायों पर भी अमल करेंगे मोदी …

लोकसभा चुनाव में बीजेपी को भारी बहुमत से मिली जीत ने नरेंद्र मोदी को भले ही डीजल की कीमतें नियंत्रण मुक्त करने और नैचुरल गैस के दाम में बढ़ोतरी करने की गुंजाइश दे दी हो. मगर जनता से महंगाई कम करने का जो वादा उन्होंने किया है उसका क्या होगा. जनता की उम्मीदों का क्या.namo-mamo

जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उस समय वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को महंगाई काबू में रखने के उपाय बताए थे. यूपीए सरकार ने ही उन्हें यह जिम्मा सौंपा था. हालांकि, उनकी सिफारिशों को लागू नहीं किया गया. महंगाई अब भी कम नहीं हुई है. लेकिन मोदी प्रधानमंत्री बन गए हैं. तो क्या वे अपने ही सुझाए उपायों पर अमल करेंगे?

तीन साल पहले मनमोहन सरकार को मोदी ने ही सुझाए थे ये छह उपाय:

 जमाखोरी गैर-जमानती जुर्म आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जमाखोरी करने वाले के खिलाफ गैर-जमानती वारंटजारी हो.

केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलें. सजा भी 6 माह से बढ़ाकर 1 सालकरने को कहा.

बिचौलिया मुक्त कृषि मार्केटखेत से सीधे कंज्यूमर के हाथ में पहुंचाने वाले चैनल मजबूत करना.

को-ऑपरेटिव को आगे लाना.

फल, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों को नियंत्रित करने वाली एग्रीकल्चरप्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी में बदलाव हो.

कीमतें स्थिर रखने के लिए फंड. जरूरी चीजों की कमी के कारण महंगाई को रोकने के लिए ऐसा फंड हो, जिससे आयात कर कीमत स्थिर रखी जा सके. इस फंड का जिक्र भाजपा के घोषणा-पत्र में भी है. राज्य सरकारें भी इस फैसले से सहमत होंगी, क्योंकि यह उनका ही बोझ कम करेगा. 

स्टोरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना जहां कृषि उत्पादों का अभाव है, वहां कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट वअन्य सुविधाएं उन इलाकों में तत्काल जुटाना. जो तत्काल किया जा सकता है वायदा कारोबार पर रोक इससे होने वाली आवश्यक वस्तुओं, खासकर खाद्यान्नों, तेल आदि की सट्टेबाजी कीमतें बढ़ाती रही हैं. इनकी होती है फ्यूचर ट्रेडिंग: कपास, पेट्रोलियम उत्पाद, खाने-पीने की सभी वस्तुएं, फल-सब्जियां, उनके बीज, पशु आहार, जूट, कपड़ा, कागज, दवाएं, ऊन आदि.

2003 में एनडीए सरकार ने ही वस्तुओं की फ्यूचर ट्रेडिंग को अनुमति दी थी. कर्ज का दायरा भी जरूर बढ़े. खेती, छोटे कारखाने, शिक्षा, हाउसिंग, एक्सपोर्ट को मिलाकर बने प्रायरिटीसेक्टरमें कर्ज का दायरा बढ़ाया जाए. आगे पढ़ें फाइट अगेंस्ट फूड इन्फ्लेशन’ शीर्षक से सौंपी गई मोदी कमेटी की रिपोर्ट की कुछ बातें कुछ खास बातें फाइट अगेंस्ट फूड इन्फ्लेशन’ शीर्षक से सौंपी गई मोदी कमेटी की रिपोर्ट की कुछ बातें भाजपा घोषणा पत्र में भी शामिल हैं. बस देखना यह है की मोदी सरकार अपने वायदों को कैसे पूरा करती है.

 

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