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मीडिया में 100 फीसदी FDI की तैयारी..

By   /  June 1, 2014  /  No Comments

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नरेंद्र मोदी सरकार न्यूज मीडिया में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति देने पर विचार कर रही है. केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शनिवार को कहा कि उनका मंत्रालय विभिन्न पक्षों से राय ले रहा है कि क्या न्यूज मीडिया में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति दी जाए.fdi-in-media

जावडेकर ने कहा, ‘केंद्र फिलहाल न्यूज मीडिया में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति के मुद्दे पर विभिन्न पक्षों की राय लेने में व्यस्त है.’ गौरतलब है कि अभी तक न्यूज मीडिया में 27 फीसदी तक एफडीआई की अनुमति है.

उन्होंने कहा, ‘हम अंतिम फैसला करने से पहले सभी पक्षों की राय लेना चाहते हैं कि क्या हमें न्यूज मीडिया में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति देनी चाहिए. हम इसके लिए जल्दबाजी में नहीं हैं.’

निजी एफएम पर न्यूज प्रसारण की अनुमति देने पर भी विचार
जावड़ेकर का कहना था कि केंद्र निजी स्वामित्व वाले एफएम रेडियो चैनलों को समाचार प्रसारण की अनुमति देने पर भी विचार कर रहा है. जावडेकर ने कहा, ‘एफएफ चैनलों को समाचारों के प्रसारण से क्यों प्रतिबंधित किया जाए?’

केंद्र निजी स्वामित्व वाले एफएम रेडियो चैनलों को अपना समाचार प्रसारण शुरू करने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है. उन्होंने कहा, एफएम रेडियो की नीलामी पहले ही तीसरे चरण में पहुंच चुकी है. हम इस संबंध में दिशा-निर्देश शीघ्र जारी करेंगे.

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  • Published: 4 years ago on June 1, 2014
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  • Last Modified: June 1, 2014 @ 11:19 am
  • Filed Under: मीडिया

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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