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लोकसभा टीवी सीईओ बर्खास्तगी के पीछे राजनीति..

By   /  June 1, 2014  /  No Comments

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अगले लोकसभा अध्यक्ष को कार्यभार सौंपने से पहले मीरा कुमार ने लोकसभा टीवी चैनल के सीईओ राजीव मिश्र को बर्खास्त कर दिया है. मिश्र ने जवाब में मीरा कुमार पर मनमानी से निर्णय लेने का आरोप लगाया है.rajiv mishra

श्री मिश्र ने कहा कि सासाराम, बिहार से लोकसभा चुनाव हारने के बाद उसकी खबर और बाद में नरेन्द्र मोदी के भाजपा की संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण करने की वजह से उन्हें पदविमुक्त किया गया है. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उनके साथ अन्याय हो रहा है और इसके पीछे मीरा कुमार का हाथ है. उन्हें बिना वजह बताये उनका कार्यकाल ख़त्म कर दिया गया.

उन्हें 30 मई को लोकसभा के इन्टरनेट वेब पोर्टल के ज़रिये पता चला कि उनका कार्यकाल समाप्त किया जा रहा जिसमें सिर्फ एक दिन बचा है और वो 31 मई को पदच्युत कर दिए जायेंगे. उनके अनुसार मीरा कुमार के हारने की खबर को चुनाव आयोग से पुष्टि के बाद ही दिखाया गया था न्यूज़ फ़्लैश के तौर पर. उसके बाद चैनल पर 21 मई की संसदीय भवन में हुई भाजपा की बैठक का सीधा प्रसारण करने की वजह से उन्हें पद से हटाने का निर्णय लिया गया. इसमें राजनीतिक हित साफ़ नज़र आते हैं.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब पंद्रहवीं लोकसभा ख़त्म हो चुकी है और नए स्पीकर काचुनाव होना बाकि है तो ऐसे में मीरा कुमार कैसे उन्हें बर्खास्त कर सकती हैं. उनके पास इस समय सीमित अधिकार हैं.

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  • Published: 3 years ago on June 1, 2014
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  • Last Modified: June 1, 2014 @ 6:26 pm
  • Filed Under: मीडिया

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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