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गोमती जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने मनाया पत्रकारिता दिवस..

By   /  June 1, 2014  /  No Comments

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समाचारों के साथ नहीं करना चाहिये समझौताः डीपी शुक्ल.. पत्रकारिता जहां संकल्प है, वहीं साध्य भी हैः कुमार सौवीर.. वरिष्ठ पत्रकार हनुमान प्रसाद गुप्त को किया गया सम्मानित..

पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा गया है। इसे कोई संवैधानिक मान्यता भले ही न प्राप्त हो लेकिन नैतिक मान्यता अवश्य ही प्राप्त है जिसका पालन पत्रकार करता चला आ रहा है। खबरों के साथ समझौता नहीं होना चाहिये लेकिन पत्रकार समाज के सजग सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। उक्त बातें गोमती जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा शुक्रवार को ‘हिन्दी पत्रकारिता दिवस’ पर नगर के सिविल लाइंस (अम्बेडकर तिराहे) के पास स्थित शकुंतला सेण्ट्रल एकेडमी के सभागार में आयोजित ‘विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह’ को सम्बोधित करते हुये मुख्य अतिथि डीपी शुक्ल विशेष संवाददाता श्री टाइम्स उत्तर प्रदेश ने कही।JNP Photo1

इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि कुमार सौवीर वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ ने कहा कि पत्रकारिता जहां संकल्प है, वहीं यह एक साध्य भी है। कभी भी अपने अभीष्ट से पत्रकार को विचलित नहीं होना चाहिये, परिस्थितियां चाहे कितनी विषम क्यों न हों। परिस्थितियों में धैर्य रखकर समाज को रोशनी देना पत्रकारों की जिम्मेदारी है।

इसके पहले कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। तत्पश्चात् मंचासीन अतिथियों को आयोजन समिति द्वारा माल्यार्पण करके स्वागत किया गया। इसके बाद जहां महासचिव संजय अस्थाना ने स्वागत भाषण किया, वहीं अध्यक्ष डा. राम सिंगार शुक्ल ‘गदेला’ ने एसोसिएशन का परिचय दिया। इसी क्रम में पत्रकारिता जगत में अमूल्य योगदान देने के लिये शाहगंज तहसील के वरिष्ठ पत्रकार हनुमान प्रसाद गुप्त को अंगवस्त्रम् एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में शिक्षाविद् डा. ब्रजेश यदुवंशी, बृजनन्दन स्वरूप, सम्पादक दीपक सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि समाज को हमसे अपेक्षा बहुत हैं लेकिन मेरे पास कोई विधिक अधिकार नहीं है, फिर भी हम अपने दायित्वों के प्रति सदैव से सचेष्ट रहे हैं और समाज के हर सुख-दुख के सहभागी बने हैं। इसी क्रम में आयोजन समिति द्वारा मुख्य अतिथि श्री शुक्ल व विशिष्ट अतिथि श्री सौवीर को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

संस्थापक रामजी जायसवाल ने मंचासीन अतिथियों सहित समस्त आगंतुकों के प्रति आभार जताया तो कार्यक्रम संयोजक विरेन्द्र गुप्त ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर जय आनन्द, सूरज साहू, नौशाद अली, अजय पाण्डेय, राजेश साहू, महर्षि सेठ, कुमार कमलेश, प्रकाश चन्द्र शुक्ल, अजीत सोनी, बृजनन्दन स्वरूप, कृपाशंकर यादव, संजय शुक्ल, सम्पादक मंगला प्रसाद तिवारी, संजय शर्मा, राजेश मौर्य, विद्याधर राय विद्यार्थी, मुन्नू मौर्या, दीपक चिटकारिया, श्याम रतन श्रीवास्तव, प्रमोद जायसवाल, दीपक गुप्ता, मुकेश यादव, हाकर एसोसिएशन के अध्यक्ष राम प्यारे प्रजापति, शशिराज सिन्हा, शैलेन्द्र यादव, पंकज वर्मा, जुबेर अहमद, प्रवीण यादव, अंकित जायसवाल, शुभांशू जायसवाल, मिश्री लाल सोनकर, नरायन सेठ राही, रामदास यादव, अर्जुन शर्मा, डा. यशवंत गुप्ता, अरूण सिंह, प्रकाश चन्द्र शुक्ल सहित तमाम सम्पादक, पत्रकार, छायाकार, गणमान्य नागरिक, समाजसेवी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। समारोह का संचालन दीवानी न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील वर्मा एडवोकेट ने किया।

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  • Published: 3 years ago on June 1, 2014
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  • Last Modified: June 1, 2014 @ 6:25 pm
  • Filed Under: मीडिया

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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