/भाजपा सांसद के फ़्लैट में होती थी जिस्मफ़रोशी..

भाजपा सांसद के फ़्लैट में होती थी जिस्मफ़रोशी..

मुंबई पुलिस की सोशल सर्विस ब्रांच ने अंधेरी इलाके के एक फ्लैट में छापा मारकर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया है. इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जबकि दो महिलाओं को देह व्यापार के दलदल से निकालकर शेल्टर हाउस में भेज दिया गया है. यह फ्लैट मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्‍नर और बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह का है. जिस सोसायटी में छापेमारी की गई उसमें कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के फ्लैट हैं.satyapalsingh

सत्यपाल सिंह ने कहा है कि उन्होंने फ्लैट किराए पर इंडिया बुल्स को दे दिया था और काफी समय से उस फ्लैट में गए भी नहीं हैं. मुंबई पुलिस के प्रवक्ता और पुलिस उपायुक्त महेश पाटिल ने बताया कि फ्लैट में देह व्यापार की शिकायत मिली थी जिसके बाद छापा मारा गया. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम वकील शाह है और वह कंपनी का ही कर्मचारी है. सोशल सर्विस ब्रांच ने आगे की जांच के लिए केस वर्सोवा पुलिस को सौंप दिया है.

इस बारे में संपर्क किए जाने पर सत्यपाल सिंह ने मीडिया को बताया, ‘मैंने करीब चार साल पहले इंडिया बुल्स को फ्लैट किराए पर दिया था और कॉन्ट्रैक्ट सितंबर में खत्म होने वाला है. मैं कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने पर विचार कर रहा हूं. इसके अलावा कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के उल्लंघन के लिए कंपनी पर केस भी करूंगा.’ इंडिया बुल्स के प्रवक्ता ने कहा, ‘आरोपी शाह गेस्ट हाउस का केयरटेकर है और हमें उसकी करतूतों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उसे नौकरी से निकाल दिया गया.’

मुंबई के जॉइंट कमिश्नर (क्राइम) सदानंद दाते ने कहा कि हम इस तरह के कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिससे यह पता चले कि देह व्यापार में फ्लैट के मालिक की कोई भूमिका है. उन्होंने कहा कि शाह के खिलाफ केस दर्ज करके अदालत में पेश किया गया था, जहां से उसे दो दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. दोनों महिलाओं को शेल्ट होम में भेज दिया गया है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.