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महिला जज से बलात्कार का प्रयास..

By   /  June 3, 2014  /  1 Comment

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बेखौफ दुष्कर्मी अधिकारियों पर भी हाथ डालने से पीछे नहीं हट रहे हैं. कल (सोमवार) अलीगढ़ में महिला जज से सिविल जज कंपाउड में उनके निवास पर दुष्कर्म का प्रयास किया गया. इसमें विफल रहने वाले वहशी ने उनके ऊपर जानलेवा हमला भी किया. जज के भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है.rape

घटना की जानकारी उस समय हुई जब महिला अधिकारी अपने सरकारी आवास में अचेत हालत में मिली. सरकारी आवास का दरवाजा अंदर से बंद था. पुलिस किसी तरह से पिछले पिछले हिस्से से आवास के अंदर दाखिल हुई तो महिला अफसर को बेहोशी की हालत पाया. पुलिस ने महिला को जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया. पीड़िता के भाई ने देर रात थाना सिविल लाइंस में दुष्कर्म और जहर पिलाने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ तहरीर दी है.

सिविल लाइंस में सिविल जज कंपाउड के एक मकान की दूसरी मंजिल में महिला जज अकेली ही रहती हैं. कल सुबह जब नौकरानी उनके घर पहुंची तो अंदर से दरवाजा बंद था. काफी आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो उसे शंका हुई. नौकरानी ने पड़ोसियों को बताया तब पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस अंदर गई तो उस समय महिला अधिकारी अपने कमरे में अचेत पड़ी दिखी. उन्हें तुरंत मेडिकल कालेज भिजवाया गया. कुछ घंटे इलाज के बाद उन्हें होश आ गया.

उन्हें जहरीला पदार्थ पिलाने की बात सामने आयी है. शरीर पर खरोंच के निशान भी बताए गए है. शाम चार बजे महिला के पिता और भाई उन्हें साथ ले गए. भाई ने सिविल लाइंस थाने तहरीर दी, जिसमें दो लोगों पर बहन से दुष्कर्म, मारपीट करने और जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाया है. आरोपियों में से एक फर्रुखाबाद का और दूसरा बरेली का है. घटना के पीछे भाई के ससुराल वालों से विवाद की बात सामने आ रही है. महिला अधिकारी से मिलने उनके विभाग के उच्च अधिकारी मेडिकल कालेज गए थे. यह महिला अधिकारी करीब दस महीने से अलीगढ़ में तैनात हैं.

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  • Published: 3 years ago on June 3, 2014
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  • Last Modified: June 3, 2014 @ 11:55 am
  • Filed Under: अपराध

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. नेताजी व उनके पुत्र मुख्य मंत्री अभी भी यू पी को सबसे सुरक्षित मानते हैं। शिवपालसिंह जो अखिलेश के चाचा हैं बदायूं घटना के लिए फरमा रहे हैं कि इस बात को ज़बरदस्ती तूल दिया जा रहा है अब मजिस्ट्रेट के साथ हुई वारदात संकेत है कि वहां कोई भी सुरक्षित नहीं है. इस बात पर तो मायावती सरकार की तारीफ़ करनी होगी कि उसने इन समाजवादी गुंडों पर पूरा नियंत्रण लगा रखा था

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