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अब अकबरुद्दीन ओवैसी ने उगला ज़हर, देखें वीडियो..

By   /  June 4, 2014  /  1 Comment

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लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी नेता अपने जहरीले भाषणों से बाज नहीं आ रहे हैं. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के बाद अब उनके बड़े भाई और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी का जहरीला भाषण वाला विडियो सामने आया है. इस वीडियो में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ परिवार के खिलाफ जहर उगला है. हालांकि, भाषण के दौरान वह सीधे मोदी का नाम लेने से बचते हुए दिखे. यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है.asduddin ovaisi

वीडियो में एमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी की भाषा से साफ लग रहा है कि उनका यह बयान लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद और प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण से पहले का है. इस भाषण में उन्होंने धार्मिक उन्माद भड़काने वाली कई बातें कहीं. वीडियो के शुरू में असदुद्दीन बीजेपी को बहुमत मिलने का जिक्र करते हुए अफसोस जता रहे हैं और हैदराबाद के लोगों का शुक्रिया अदा कर रहे हैं कि वे देश में बह रही धारा से विपरीत चले.

इसके बाद असदुद्दीन भड़काऊ भाषण के दौरान एक जगह मोदी की एक टिप्पणी का हवाला देते हुए उन्हें और समुदाय विशेष के खिलाफ अपशब्द कहते हुए नजर आए. गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी ने एक विदेशी न्यू‍ज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में गुजरात दंगे के सवाल पर कहा था, ‘अगर कोई कुत्ते का बच्चा भी आपकी कार के नीचे आकर मर जाता है, तो दुख होता है.’ मोदी के इस बयान को कुछ लोगों ने अल्पसंख्यक समुदाय से जोड़कर देखा था.

गौरतलब है कि इसके पहले असदुद्दीन के छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद की ही एक सभा में जहर उगला था. पिछले साल दिसंबर में पुलिस ने भड़काऊ भाषण देने के आरोप में अकबरुद्दीन के खिलाफ आदिलाबाद और निजामाबाद जिलों में मामले दर्ज किए थे. अकबरुद्दीन पर देशद्रोह और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के भी आरोप लगे हैं. अकबरुद्दीन के जवाब में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता प्रवीण तोगड़िया ने भी जहरीला भाषण दिया था.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. लचर कानूनो व कमजोर मुकदमों की वजह से ऐसे लोग ज़हर उगलते छुट्टे घूमते है चाहे वे किसी भी सम्प्रदाय से क्यों न हो. इनका उपयुक्त स्थान जेल ही है

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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