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कराची एअरपोर्ट पर आतंकी हमला, आतंकियों समेत तेईस मरे..

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कराची, पाकिस्‍तान के कराची में जिन्ना इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर खत्म हो गया है. एयरपोर्ट पर हमले और सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में 10 आतंकियों सहित 23 लोग मारे गए हैं. ‘द डॉन’ समाचार पत्र के हवाले से पाक सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि पूरे एयरपोर्ट को को खाली कराया गया है और सभी आतंकवादी मारे गए हैं. ऑपरेशन खत्म होने पर मौके से 2 रॉकेट लॉन्चर्स, 12 पेट्रोल बम और हैंड ग्रेनेड बरामद हुए हैं. आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.karachi airport1

पाक मीडिया के मुताबिक ये लोग भारी मात्रा में हथियार और खाने-पीने का सामान साथ लेकर आए थे, जिससे साफ पता चलता है कि इनका मकसद लंबे वक्त तक आतंक फैलाना था. रॉकेट लॉन्चर, ग्रेनेड और हथियारों से लैस आतंकियों के इस हमले में लगभग 22 लोगों को घायल होने की भी खबर है. इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के प्रवक्ता मेजर जनरल असीम बजवा ने कहा कि आतंकवादियों को दो स्थानों में घेरा गया और उन्हें मार डाला गया. उन्होंने कहा कि आतंकवादियों से हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.

karachi airportआईएसपीआर के प्रवक्ता ने बताया कि चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल राहील शरीफ ने सैन्यबलों को इस अभियान में हिस्सा लेने और सभी आतंकवादियों को मार गिराने के लिए बधाई दी है. पहले इस हमले में कई विमानों को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर थी, लेकिन पाकिस्तानी सेना के मेजर जनरल असीम बाजवा के मुताबिक किसी भी विमान को नुकसान नहीं पहुंचा है. उन्होंने बताया कि आग की लपटें एयरपोर्ट की एक बिल्डिंग पर हुए ग्रेनेड हमले से उठी थीं.

‘द डॉन’ के मुताबिक, भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने एयरपोर्ट सिक्यॉरिटी फोर्स (एएसएफ) के नकली पहचान पत्र का इस्तेमाल किया था. इसके बाद उनकी सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ हुई जो कई घंटे के बाद समाप्त हुई.

इस हमले में 18 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें अब्बासी शहीद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान के मुताबिक, आतंकी कार्गो व विशेष वीआईपी अभियानों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टर्मिनल के जरिए रात 11.20 बजे एयरपोर्ट में घुसे थे. हमला करने वाले सभी आतंकी विदेशी बताए जा रहे हैं. हमले के बाद पाकिस्तान के सभी हवाई अड्डों को हाई अलर्ट पर कर दिया गया है.

 

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About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. पाकिस्तान खुद इन कट्टर वादियों का शिकार हो रहा है लेकिन वह इन पर नियंत्रण नहीं लगा रहा भारत को परेशान करने के लिए बने धार्मिक संगठन अब वहां की सरकार के लिए भी सरदर्द बन रहें हैं सेना का इन पर वरदहस्त है अब इस भस्मासुर ने उस और भी कदम बढ़ाये हैं तब देर आयद दुरुस्त आयद वहां की सरकार की आँखे खुलेगी लेकिन सत्ता की शौकीन सेना अगर कार्यवाही करने देगी तब और जिसकी संभावना नहीं है

  2. पाकिस्तान खुद इन कट्टर वादियों का शिकार हो रहा है लेकिन वह इन पर नियंत्रण नहीं लगा रहा भारत को परेशान करने के लिए बने धार्मिक संगठन अब वहां की सरकार के लिए भी सरदर्द बन रहें हैं सेना का इन पर वरदहस्त है अब इस भस्मासुर ने उस और भी कदम बढ़ाये हैं तब देर आयद दुरुस्त आयद वहां की सरकार की आँखे खुलेगी लेकिन सत्ता की शौकीन सेना अगर कार्यवाही करने देगी तब और जिसकी संभावना नहीं है

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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