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अशोक गहलोत और सचिन पायलट के खिलाफ एम्बुलेंस घोटाले में FIR..

By   /  June 10, 2014  /  2 Comments

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जयपुर, राजस्थान में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मुसीबत में फंसते नजर आ रहे है. प्रदेश में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भाजपा नेता घोटालों के आरोप लगाते रहे थे. अब सत्ता परिवर्तन होने के बाद कांग्रेस के कई दिग्गज निशाने पर आ गए है.Sachin-Pilot-with-Ashok-Gehlot

राजस्थान मे 108 एंबुलेंस घोटाला मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कीर्ति चिदंबरम, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व चिकित्सा मंत्री दुर्रू मियां, पीसीसी चीफ सचिन पायलट सहित 7 लोगों के खिलाफ जयपुर के अशोक नगर पुलिस थाने मे मामला दर्ज हुआ है.

इस मामले की जांच सीबी सीआईडी कर रही है.

प्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन कर रही कंपनी पर फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए के घपले का आरोप है.

गौरतलब है कि भाजपा नेता घनश्याम तिवाड़ी ने उत्तर प्रदेश के एनआरएचएम घोटाले की तरह प्रदेश में घोटाले का अंजाम देने का आरोप लगाया था. तिवाड़ी ने सीबीआई से मामले की जांच की मांग की थी.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. यह घोटाला तो गहलोत सरकार के समय ही सामने आ गया था व जाँच रिपोर्ट भि. पर सरकार अपने व व अपनों के के खिलाफ कैसे मुकदमा करती गहलोत तो खुद इस मामले में फंसे थे अब दुबारा केस होने फाइल खुलने पर यह तो होना ही था सचिन पायलट द्वारा जाँच में कुछ न निकलने पर वसुंधरा का इस्तीफा मांगना जरूर हास्यास्पद लगता है कि कांग्रेस इतनी नैतिक कब व कैसे हो गयी?यह बातें विपक्ष में बैठने पर ही याद आती हैं

  2. The corruption has become par to l lifestyles<. Now one by things which are hidden due their power of post are coming out By enquirers <> all is known with publicity at initial sage but outcome is never published Who is responsible for keeping general public in dark of the outcomes of the inquiry

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