/कर्नल सोनाराम का साथ देने वाले कांग्रेसियों को पार्टी से बाहर करने की मांग..

कर्नल सोनाराम का साथ देने वाले कांग्रेसियों को पार्टी से बाहर करने की मांग..

अमीन खान ने कर्नल सोनाराम का साथ देने वाले साठ फीसदी कोंग्रेसियों को पार्टी से बाहर करने की बात कही.. बाड़मेर पर्यवेक्षक के सामने कोंग्रेसियों में जूतम पैजार..

 -चन्दन सिंह भाटी||

लोकसभा चुनावो में कांग्रेस प्रत्याशी की करारी हार के कारणों से रूबरू होने आये जोधपुर संभाग के कांग्रेस पर्यवेक्षक प्रताप सिंह खाचरियावास के सामने मंगलवार को सफ़ेद आकड़ा में आयोजित आत्म मंथन बैठक में कांग्रेसी आपस में  भिड़ गए . खाचरियावास कांग्रेसियों के बीच होती जूतम पैजार को चुपचाप देखते रहे.  congress-party-symbol

पर्यवेक्षक प्रताप सिंह द्वारा कांग्रेस संगठन की बैठक सफ़ेद आकड़ा में आयोजित की. बैठक में बड़ी संख्या में कांग्रेसी पहुंचे. बैठक में लोक सभा चुनावो में पार्टी प्रत्याशी की हा’र पर चर्चा शुरू हुई. आरोप प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री अमिन खान ने कहा की कर्नल सोनाराम ने दावा किया है कि साठ फीसदी कांग्रेसी उनके साथ थे. अमीन ने कहा की थोड़ा कचरा कर्नल के भाजपा ने जाने से हटा था. अब पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम करने वालो के खिलाफ पार्टी को कडा कदम उठा कर इस कचरे को उठा कर बाहर कर देना चाहिए.

अमीन के इस बयान कांग्रेस के जाट नेता आक्रोशित हो गए.  जाट नेताओ ने अमीन खान पर छींटा कशी शुरू कर दी,जाट नेताओ ने अमीन से माफ़ी मांगने को कहा तो मुस्लिम नेता अमीन के पक्ष में आ गए जिससे माहौल गरमा गया. दोनों पक्षों के बीच हाथा पाई की नौबत आ गयी. प्रताप सिंह ने बीच बचाव कर मामला शांत किया. अमीन खान ने माफ़ी मांगने से साफ़ मना कर दिया. पर्यवेक्षक प्रताप सिंह ने अमीन खान की बात का समर्थन करते हुए कहा पार्टी के साथ धोखा करने वालो को बक्शा नहीं जायेग.

दो घंटे चली इस बैठक में हार के कोई ठोस कारण सामने नहीं आये. जातिवाद और जाट समाज के कर्नल के पक्ष में एकजुट होना हार का कारण रहा. बैठक में स्थानीय नेता एक दू सरों पर पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप लगते रहे.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.