/तनु शर्मा को जेल भिजवाने की तैयारी..

तनु शर्मा को जेल भिजवाने की तैयारी..

इंडिया टीवी की एंकर तनु शर्मा को आत्महत्या की कोशिश करने के अपराध में जेल भिजवाने की तैयारी में है इंडिया टीवी प्रबंधन. रजत शर्मा ने अपनी पत्नी रितु धवन को पूरी तरह बचा लिया है और उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का भी मुकदमा नहीं चलेगा.23-india-tv-tanu-sharma

इंडिया टीवी में कार्यरत उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक तनु शर्मा प्रकरण के बाद रजत शर्मा और रितु धवन ने एंकरों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और इसमें साफ साफ कहा कि तनु शर्मा प्रकरण में इंडिया टीवी प्रबंधन कहीं से भी अपराधी या दागी या अनैतिक नहीं है. इसलिए यहां कार्यरत कोई भी शख्स इस मामले को लेकर अपने को दीनहीन ना फील करे और ना ही मोरली डाउन रहे. एक कोई लड़की इस्तीफा देने का इंटेशन जताती है तो उससे इस्तीफा लेना गलत नहीं है.

सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कुछ एक एंकर ने तनु शर्मा को मौका दिया जाने की बात कही लेकिन रितु शर्मा और रजत शर्मा ने बहुत साफ शब्दों में कह दिया कि अगर किसी ने भी तनु शर्मा के प्रति साफ्ट कार्नर दिखाया तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा. बैठक में यह भी कहा गया कि तमाशा तनु शर्मा ने बनाया है और उसने आत्महत्या की कोशिश करके कानून अपने हाथ में लिया है इसलिए उसे जेल जाना पड़ेगा. यह भी कहा गया कि जब उससे सिर्फ इस्तीफा मांगा भर गया तो उसने जहर खा लिया. अगर कहीं उसे बर्खास्त कर दिया जाता तो वह इंडिया टीवी बिल्डिंग से कूद जाती या इंडिया टीवी में आग लगा देती. ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है.

कुल मिलाकर इंडिया टीवी मैनेजमेंट ने दोहरा गेम करके खुद को पूरी तरह बचा लिया. तनु शर्मा से पुलिस बयान दिलाने के दौरान रितु धवन का नाम हटवा लिया. और अब जब तनु ने बयान में रितु धवन का नाम नहीं लिया तो काम निकल जाने के बाद इंडिया टीवी प्रबंधन ने पूरे प्रकरण में तनु को ही दोषी बताकर उसे चैनल से बाहर रखने की तैयारी कर ली है. साथ ही तनु को जेल भिजवाकर सारे किए धरे और पूरे मामले की पूरी जिम्मेदारी तनु पर मढ़ने का इरादा जता दिया है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.