/क्या अफेयर खत्म होने पर रेप का आरोप लगाया जा सकता है..

क्या अफेयर खत्म होने पर रेप का आरोप लगाया जा सकता है..

-धनंजय महापात्रा।।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सवाल किया- क्या दो वयस्क लोगों के बीच सहमति से बना रिश्ता टूटने पर पुरुष के खिलाफ रेप का आरोप लगाया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश तो नहीं दिया, लेकिन इस तरह के मामलों के प्रति चिंता जरूर जाहिर की।accusing-finger

हाल ही में ऐसे कई केस देखने को मिले हैं, जिनमें रिश्ता खत्म होने के बाद महिलाओं ने पुरुषों के खिलाफ शादी का वादा करके सेक्स करने पर रेप का मामला दर्ज कराया है। पिछले साल एक केस का फैसला सुनाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि रेप केसों को बदला लेने, परेशान करने और यहां तक कि पुरुषों को शादी के लिए मजबूर करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट एक टॉप IDFC बैंकर और एक इंटरनैशनल एयरलाइन की पूर्व क्रू मेंबर के नाकाम रिश्ते से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा था। आरोपी बैंकर ने कहा कि पढ़ी-लिखी और इंटरनेट की जानकार लड़की अच्छी तरह जानती थी कि मैं शादीशुदा हूं और मेरे दो बच्चे भी हैं। मेरे लिए यह जानकारी छिपाना आसान भी नहीं था। ऐसे में मैं भला शादी का वादा करके किसी को सेक्स के लिए कैसे प्रेरित कर सकता हूं?

महिला ने अपनी शिकायत में बैंकर के खिलाफ शादी का वादा करके और चुपके से बनाए किसी विडियो को सर्कुलेट करने की धमकी देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। जस्टिस विक्रमजीत सेन और जस्टिस एस. के. सिंह की बेंच ने बैंकर से पूछा, ‘आपने महिला का आपत्तिजनक फोटो क्यों खींचा। आप कहते हैं कि यह सेल्फी है। क्या पूरी बॉडी की सेल्फी ले पाना पॉसिबल है?’

आरोपी बैंकर की तरफ से सीनियर ऐडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा ने दलील दी, ‘लोग इस तरह के रिलेशन में बहक जाते हैं। इनका रिश्ता थोड़ा अलग तरह का था।’ इस पर बेंच ने पूछा, ‘अलग तरह का? इसे बेवकूफाना रिश्ते के बजाय कामुकता से भरा रिश्ता कहा जा सकता है।’

जब लूथरा ने कहा कि इस केस में बैंकर के खिलाफ ‘शादी का वादा तोड़ना’ ही रेप का मामला दर्ज करने का आधार बनाया गया है। इस पर बेंच ने पूछा कि ऐसा कब (किसी कोर्ट द्वारा) कहा गया है कि अगर आप किसी महिला के साथ 2 साल तक रिलेशन में रहते हैं और अब वह रिश्ता नाकाम हो जाए तो रेप बन जाता है?

लूथरा ने कहा कि इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने भी एक फैसला सुनाया था, लेकिन बेंच ने कहा कि वह कोई अलग तरह का मामला रहा होगा। इसके बाद बेंच ने इस मामले से जुड़े कानूनी सवाल की जांच करने के लिए सहमति जताई। सवाल यह कि- क्या दो वयस्क लोगों के बीच सहमति से बना रिश्ता टूटने पर पुरुष के खिलाफ रेप का आरोप लगाया जा सकता है?

पिछले साल हाई कोर्ट ने उन वजहों पर सवाल उठाए थे, जिनमें रिश्ता नाकाम होने के बाद रेप का मामला दर्ज किया गया था। हाई कोर्ट ने कहा था, ‘ऐसे बहुत सारे मामले देखने को मिल रहे हैं, जिनमें महिलाएं सहमति से फिजिकल रिलेशन बनाती हैं और फिर जब रिश्ता टूटता है तो वे कानून को बदला लेने के हथियार की तरह यूज करती हैं। ऐसा पैसा उगाहने या फिर लड़के को शादी के लिए मजबूर करने के लिए भी किया जाता है।’

हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट्स के जजों से कहा है कि वे ऐसे मामलों में रेप का आरोप लगाने वाली लड़की की मंशा को सावधानी से परखें और चेक करें कि ये आरोप असली हैं या इसके पीछे कोई और मकसद छिपा है।

(नभाटा)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.