/बाड़मेर में ठेकेदार की अंधेरगर्दी, बस्ती को पानी से वंचित कर पाइप लाइन रिश्तेदार की ढाणी में बिछा दी..

बाड़मेर में ठेकेदार की अंधेरगर्दी, बस्ती को पानी से वंचित कर पाइप लाइन रिश्तेदार की ढाणी में बिछा दी..

-चन्दन सिंह भाटी||

बाड़मेर, भारतीय जनता पार्टी की मुखिया वसुंधरा राजे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाख प्रयासों के बाद भी भाई भतीजावाद और राजनितिक द्वेष भावना बाड़मेर में कम नहीं हो रही. जिले के पाकिस्तान से सटे सरहदी गांव में चौंकाने वाला वाकया सामने आया. जहा ठेकेदार ने राजनितिक दबाव के चलते जिस बस्ती पेयजल पाइप लाइन योजना को स्वीकृत स्थान पर बिछाने की बजाय अपने रिश्तेदार के एक मात्र परिवार को लाभान्वित करने के लिए पाइप लाइन बिछा दी. ग्रामीण मामले मांग कर रहे हैं वहीँ, दोषी ठेकेदार पर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं.

डेमो चित्र
डेमो चित्र

हुआ यूँ कि गत वित्तीय वर्ष में शिव विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक और मंत्री अमिन खान की अनुशंसा पर बूठिया ग्राम पंचायत के पीरे का पर राजस्व गांव की हाजी कबूल की ढाणी को पेयजल पाइप लाइन योजना से जोड़ने की अनुशंसा पर जलदाय विभाग ने हाजी काबुल की ढाणी तक पाइप लाइन बिछाने के लिए निविदा आमंत्रित कर बाद में कार्यादेश जारी किया, ठेकेदार अब तक ग्रामीणो को तकनिकी हवाला देते हुए गुमराह करता रहा की एक दो माह में काम शुरू हो जायेगा ,इस बार ग्रामीणो ने उच्च अधिकारियो से मिलकर समस्या बताई तो अधिकारी भौचंके रह गए की हाजी कबूल की ढाणी के लिए स्वीकृत योजना पूर्ण हो जिसका भुगतान भी उठ चुका हैं, ग्रामीणो को जब बताया की योजना तो पूरी हो गयी, ग्रामीणो ने इस सम्बन्ध में अधिशाषी अभियंता शिव से मुलाकात की तो उन्होंने ग्रामीणो को टरका दिया, बाद में साफ़ हुआ कि राजनैतिक दबाव बना कर यह ठेकेदार इस योजना को अपने रिश्तेदार की ढाणी ले गया और पाइप लाइन बिछा कर एम मात्र परिवार को फायदा पहुँचाया.  इस ढाणी में मात्र एक परिवार हे जबकि जिस ढाणी हाजी कबूल के लिए स्वीकृत की गयी थी वहा दो दर्जन से अधिक परिवार रहते हैं. पेयजल की किल्लत के बीच पाइप योजना में हुए घोटाले की जानकारी उच्च अधिकारियो तक ग्रामीणो द्वारा पहुँचाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की. सत्तानशीन लोगो के दबाव और अधिकारियो की अंधेरगर्दी के कारन ग्रामीणो का पानी पीने का हक़ छीन लिया गया. ग्रामीण सोमवार से जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठने की तयारी में जुटे हैं.

ग्रामीण सफी मोहम्मद ने बताया की राजनितिक कारणों के चलते गरीब जनता का अधिकार छीन कर अपने रिश्तेदार को फायदा पहुंचा के ठेकेदार ने न केवल राज्य सरकार की योजना को पलीता लगाया बल्कि भ्रष्टाचार कर पैसे भी लूटे. हमारा अधिकार छीनने वाले अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार के खिलाफ़ ग्रामीण शीघ्र मोर्चा खोलेंगे. बात मुख्यमंत्री तक जायेगी.

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.