/भाजपा की ज़ासूसी क्यों करवा रहा था अमेरिका..

भाजपा की ज़ासूसी क्यों करवा रहा था अमेरिका..

अमेरिका की शीर्ष खुफिया एजेंसी एनएसए को एक अमेरिकी अदालत ने 2010 में बीजेपी और दुनिया के पांच अन्य राजनीतिक दलों पर नजर रखने को अधिकृत किया था. इन दलों में मिस्र की मुस्लिम ब्रदरहुड और पाकिस्तान की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी भी शामिल हैं. यह जानकारी एक गोपनीय दस्तावेज से मिली है.NATIONALSECURITYAGENCY-USA_7-1-2014_152452_l

इस लिस्ट में बीजेपी के अलावा अन्य विदेशी राजनीतिक दलों में लेबनान की अमल, बोलिवेरियन कॉन्टिनेंटल कोऑर्डिनेटर ऑफ वेनेजुएला, मिस्र की मुस्लिम ब्रदरहुड, इजिप्शियन नैशनल साल्वेशन फ्रंट और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी शामिल हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) ने इन पर नजर रखने के लिए फॉरन इंटेलिजेंस सर्विलांस कोर्ट से अनुमति मांगी थी. अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट ने सोमवार को इस संबंध में दस्तावेज को सार्वजनिक किया था.

इस दस्तावेज में 193 विदेशी सरकारों के साथ विदेशी गुटों और अन्य निकायों के नाम शामिल हैं जो विदेशी खुफिया निगरानी अदालत की ओर से मंजूर 2010 के प्रमाणन का हिस्सा थे. इस सूची में भारत शामिल है.

समाचारपत्र ने लिखा है कि इन संगठनों पर एनएसए विदेशी खुफिया सूचना एकत्र करने के मकसद से नजर रख सकती है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.