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तुम्हारा खूबसूरत शरीर छिपाने के लिए नहीं, दिखाने के लिए है..

By   /  July 1, 2014  /  No Comments

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तनु शर्मा बनाम इंडिया टीवी मामले में एक तरफ जहां तनु शर्मा को आत्महत्या करने के प्रयत्न के आरोप में जेल भेजे जाने की तैयारी हो रही है वहीँ तStatement_Page_1tanu_sharmaनु शर्मा द्वारा दिए गए लिखित बयान मेंउल्लेख किये गए रसूखदार लोग अभी भी कानून की पहुँच से बाहर हैं और उन पर कार्यवाही की फ़िलहाल कोई उम्मीद नहीं दिख रही.
Statement_Page_2tanu_sharma26 जून 2014 को पुलिस को सौंपे गए तनु शर्मा के हस्तलिखित बयान में इंडिया टीवी से जुड़े पांच लोगों के नाम स्पष्ट आरोपों के साथ लिए गए हैं. लेकिन आज पांच दिन बाद भी पुलिस तनु शर्मा को जेल भेजने की फिराक में दिखती है और सभी आरोपी आराम से बाहर  घूम रहे हैं. यही नहीं, तापस पाल के बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया दे कर उनके इस्तीफे की मांग करने वाले महिला आयोग ने भी दस दिन पुराने इस मामले पर होठ सी रखे हैं. महिला आयोग ने अब तक इस केस के बारे में मुंह खोलने की ज़हमत नहीं उठाई है.

गौरतलब है कि तनु शर्मा ने अपने बयान में इंडिया टीवी की एमडी और वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा की पत्नी रितु धवन, अनीता शर्मा और एमएन प्रसाद पर  नामयुक्त आरोप लगाते हुए कहा है कि रितु  ने अपने मातहत काम करने वाले अनीता शर्मा बिष्ट और एमएन प्रसाद की मदद से उस का शारीरिक और मानसिक शोषण करने की पूरी कोशिश की जिसकी वजह से उसे आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा. साथ ही ये भी लिखा है कि प्रसाद और बिष्ट ने रितु धवन  के इशारे पर धोखे से उसकी नौकरी छीन ली.Statement_Page_3_tanu_sharma

तनु ने पुलिस को दिए चार पेज लम्बे स्वहस्ताक्षरित बयान में लिखा है कि फरवरी में नियुक्ति के बाद पहले तो अनीता ने उसकी तारीफ करते हुए उसे अपने जाल में फंसाना चाहा. वो उसकी तारीफ में उसके अंगों के बारे में टिप्पणी करते हुए कहती थी कि तनु का शरीर बहुत खूबसूरत है और इसे वो अपने आगे बढने के लिए इस्तेमाल कर सकती है. वो लगातार तनु पर “सोशल सर्किल” बढाने का दबाव बनाती जा रही थी. बकौल तनु शर्मा, अनीता शर्मा उससे लगातार कहती ‘you have got good assets, they are meant not to hide but to flaunt’। अनीता तनु से हमेशा लोगों से मिलने-जुलने का दवाब डालती रहती थी और कहती ‘start socializing, there is no harm in meeting big people, I have to send you somewhere’.

Statement_Page_4_tanu-_harmaजब तनु ने उसे मना करना और उनके “सुझावों” को अनदेखा करना शुरू किया तो कार्यस्थल पर अनीता शर्मा उसे लगातार बेईज्ज़त और प्रताड़ित करने लगी. साथ ही शारीरिक सम्बन्ध बना कर आगे बढ़ने जैसे तरीके बताती थी जिसे अनसुना करने पर प्रताड़ना बढती गयी. अनीता शर्मा चाहती थी कि तनु उनके बड़े क्लाइंट्स की खिदमत करे और अपने साथ साथ चैनल का भी फायदा करवाए. हार कर तनु ने शिकायत करने का फैसला लिया और एमएन प्रसाद से शिकायत की तो प्रसाद ने तनु को सीधे और सपाट शब्दों में कहा-“इसमें गलत क्या है..पॉलिटिशियन और कॉर्पोरेट के पास जाने में दिक्कत क्या है!!”

 

बाद में प्रसाद ने रितु धवन के आदेश पर ही ये सब कुछ होने की पुष्टि की. इतना ही नहीं प्रसाद ने एक बार बहुत ही अश्लील तरीके से तनु की जांघों की तरफ देखते हुए कहा कि इन दोने के बीच बहुत गैप है, स्क्रीन पर जांघें भरी हुई दिखनी चाहिए। यही नहीं तनु को एक बार न्यूज़ एंकरिंग के दौरान को अत्याधिक गहरे गले का टॉप पहनने के लिए मजबूर किया गया. अपने बयान में तनु ने कई जगह लिखा है कि उसकी ज़िन्दगी इन लोगों ने मिल कर नरक बना दी है.
अब तक इंडिया टीवी के पांच लोग, रजत शर्मा, अनीता शर्मा बिष्ट, एमएन प्रसाद, रितु धवन और राहुल खन्ना का नाम लिया है. इन सभी पर आरोप लगाया है कि इन्होने लगातार जानकर और शिकायत किये जाने के बावजूद तनु की कोई मदद नहीं की. आखिरकार तंग आ कर तनु शर्मा ने आत्महत्या का प्रयास किया जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों की मदद से उन्हें बचा लिया गया.

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  • Published: 3 years ago on July 1, 2014
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  • Last Modified: July 3, 2014 @ 12:57 pm
  • Filed Under: मीडिया

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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