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नई नवेली मेट्रो के अंदर बारिश…

मुंबई में बुधवार को भारी बारिश ने मुंबकरों को तो परेशान किया ही, नई नवेली मुंबई मेट्रो की भी पोल खोलकर रख दी. गुरुवार सुबह मुंबईकरों ने एक महीने पहले ही शुरू हुई मुंबई मेट्रो में ऐसा नजारा देखा, जिसने उन्हें हैरान कर दिया. बारिश के दौरान मुंबई मेट्रो के अंदर भी पानी बाकायदा बरस रहा था! टेक्निकल खराबी के कारण मेट्रो के एक डिब्बे के अंदर पानी फव्वारे की फूट रहा था. इस डिब्बे में लोग किसी तरह खुद को पानी से बचाते नजर आए. लोगों ने मेट्रो में बारिश की यह तस्वीर खूब शेयर की.mumbai metro

mumbai metro tweetमेट्रो ने भी अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट पर बयान जारी कर कहा कि सुबह साढ़े 11 बजे मेट्रो में टेक्निकल कारणों से लीकेज की समस्या आई. इस मेट्रो को रिप्लेस कर दिया गया है और गुरुवार को उसे सर्विस के लिए भेजा जाएगा.

मुंबई में बुधवार को भारी बारिश के कारण लोगों को ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा.

मुंबई में भारी बारिश ने गर्मी से राहत तो पहुंचाई, लेकिन ट्रैफिक और जलभराव की समस्या से परेशानी भी बढ़ी.

झमाझम बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया. इसके अलावा सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ.

वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोग घंटों जाम में फंसे रहे.

तेज बारिश से मुंबई लोकल के कुछ स्टेशनों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा. पश्चिमी रेलवे, मध्य रेलवे और हार्बर लाइन पर ट्रेनें देरी से चलीं. मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के दूसरे तटीय भागों और पश्चिमी महाराष्ट्र में जमकर बारिश हो रही है.

वहीं बुधवार दोपहर दिल्ली-एनसीआर में बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली.

बारिश से पहले घने बादल घिर आए और कई इलाकों में तो दिन में ही अंधेरा छा गया. इसके बाद दिल्ली, नोएडा और आसपास के इलाकों में बूंदाबांदी हुई. कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हुई. बुधवार सुबह से ही मौसम सुहावना था और तापमान में भी गिरावट आई थी. इससे पहले मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 48 घंटों में मॉनसून के दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई थी.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.