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जेयूसीएस ने तनु शर्मा मामले में की कार्यवाही की मांग..

By   /  July 4, 2014  /  No Comments

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इंडिया टीवी की लोक सभा चुनाव में भूमिका पर जाँच करे चुनाव आयोग.. प्रेस काउंसिल मीडिया संस्थानों में महिला पत्रकारों के यौन उत्पीड़न पर आयोग गठित करे ..

लखनऊ। जर्नलिस्ट्स यूनियन फार सिविल सोसाइटी (जेयूसीयस) ने इण्डिया टीवी की रिर्पोटर तनु शर्मा के साथ हुए मानसिक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की निंदा की। बैठक में कहा गया कि इण्डिया टीवी की रिपोर्टर तनु शर्मा ने पुलिस को जो बयान दिया वह लोकतन्त्र के चौथे स्तम्भ के पीछे की छिपी हुई गंदगी को उजागर करता है। चूँकि यह पूरा मामला भाजपा के करीबी पत्रकार रजत शर्मा और उनकी पत्नी रितु धवन से जुड़ा हुआ है, इसलिए पूरें प्रकरण को प्रशासन द्वारा दबाये जाने का प्रयास किया जा रहा है।Article-image-Sexual-Harrashment-n

रितु धवन ने जिस तरह से अनीता शर्मा और एमएन प्रसाद के जरिए तनु शर्मा को कारपोरेट्स और राजनेताओं के ‘पास’ जाने के लिए दबाव बनाया, वह कई सवाल खड़े करता है। बैठक में इस पूरे प्रकरण की सी0बी0आई0 जाँच की मांग की गई ताकि यह साफ हो जाए कि आखिर वे कौन से राजनेता और उद्योगपति हैं जिनके पास इंडिया टी0वी0 अपने महिला पत्रकारों को भेजने की कोशिश करता था। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि चूंकि रजत शर्मा संघ परिवार के छात्र संगठन एबीवीपी से जुड़े रहे हैं और उनके भाजपा व संघ नेताओं से नजदीकी रिश्ते हैं वे तथ्यों से छेड़ छाड़ कर सकते हैं और जांच को प्रभावित कर सकते हैं इसलिए रजत शर्मा, रितु धवन और अनीता शर्मा व इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के काल डिटेल्स, मैसेज, ई मेल आदि को तुरंत सुरक्षित किया जाए ताकि इस पूरे प्रकरण में संलिप्त राजनेताओं, और मीडियाकर्मियों, उद्योगपतियों को उनके करतूतों की सजा दी जा सके।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने चुनाव आयोग से भी मांग की कि तनु शर्मा प्रकरण ने कारपोरेट्स और राजनेताओं की गठजोठ का भी खुलासा किया है, इसलिए लोकसभा चुनाव में इण्डिया टीवी की भूमिका पर भी जांच होनी चाहिए क्योंकि यह पूरा प्रकरण लोक सभा चुनाव के दरम्यान का ही है। जेयूसीएस ने प्रेस काउंसिल आफ इंडिया से मांग की है कि वह इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मीडिया संस्थानों में महिला पत्रकारों के यौन उत्पीड़न पर एक उच्चस्तरीय जांच आयोग बनाए और इस पर निश्चित समयावधि के अंदर अपनी रिपोर्ट रखे। मीडिया संस्थानों से जेयूसीएस ने मांग की कि वह तनु शर्मा के इंसाफ की इस लड़ाई में आगे आएं, क्योंकि जिस तरह से मीडिया संस्थानों से इससे जुड़ी खबरों को दबाया जा रहा है वह पत्रकारीय मूल्यों के खिलाफ ही नहीं महिला विरोधी रवैया भी है, जो ऐसा करने वाले सभी मीडिया सस्थानों को रजत शर्मा और इंडिया टीवी के इस अपराध भागीदार बना देता है।

बैठक में रजत शर्मा और रितु धवन की तुरंत गिरफ्तारी की भी मांग करते हुए तनु शर्मा को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की गई। क्योंकि पिछले दिनों संघ परिवार से ही नजदीकी रखने वाले आसाराम द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न के अहम गवाह की हत्या कर दी गई थी। बैठक में राघवेन्द्र प्रताप सिंह, हरेराम मिश्रा, लक्ष्मण प्रसाद, मु0 आरिफ, अनिल यादव, गुफरान सिद्दीकी और शाह आलम इत्यादि उपस्थित थे।

द्वारा जारी
अनिल यादव
कार्यकारिणी सदस्य
जर्नलिस्ट्स यूनियन फार सिविल सोसाइटी
(जेयूसीएस)
संपर्क- 09454292339

Office – 110/60, Harinath Banerjee Street, Naya Gaaon Poorv, Laatoosh
Road, Lucknow
Journalist’s Union For Civil Society (JUCS)
Email- [email protected]

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  • Published: 3 years ago on July 4, 2014
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  • Last Modified: July 4, 2014 @ 1:51 pm
  • Filed Under: मीडिया

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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