/खास खबर: कुख्यात आंतकवादी हाफिज सईद का एक और चेहरा, सिंध के लोगो का है रहनुमा..

खास खबर: कुख्यात आंतकवादी हाफिज सईद का एक और चेहरा, सिंध के लोगो का है रहनुमा..

हाफ़िज़ स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से कट्टरपंथ का पाठ पढ़ा रहा हैं सिंध प्रान्त में..

-चन्दन सिंह भाटी||
मुंबई हमले का मुख्य आरोपी और कुख्यात आंतकवादी हाफिज सईद पाकिस्तान में महफूज़ हैं. इन दिनों हाफिज पाकिस्तान के राजस्थान प्रान्त से साते सिंध प्रान्त के गाँवो में अपनी स्वयं सेवी संस्था फलह-ए-इंसानियत तंज़ीम के सेवा कार्यो का जायजा लेने के साथ लोगो को  राहत पहुंचा रहा हैं. हाफिज को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने सिंध प्रान्त को हिन्दू मुक्त करने का टारगेट दे रखा हैं.swing machine (1)

Re-exposure of Resize of DSC00016 (1) (1)सीमा पर से मिली जानकारी के अनुसार हाफिज सईद का एनजीओ चार वर्ष पूर्व सिंध प्रान्त में आए बाढ़ के समय सक्रीय हुआ था. हाफिज की संस्था का मुखिया शफ़कत हुसैन अब्बासी और चेयरमैन अब्दुल गफ्फूर सिद्दीकी हैं. इस संस्था द्वारा सिंध प्रान्त के ग्रामीण इलाको में चिकित्सा सेवा का कार्य किया जा रहा हैं और संस्था द्वारा बड़ी संख्या में एम्बुलैंस सेवा आम लोगो के लिए उपलब्ध करायी गयी हैं साथ ही एक खैराती अस्पताल भी खोल रखा हैं जिसमे आधुनिक चिकित्सा सुविधाए आमजन के लिए उपलब्ध हैं. चूँकि हाफिज सईद पर पाकिस्तान में किसी तरह का कोई प्रतिबन्ध नहीं है ऐसे में वह खुले में आसानी से कहीं भी आ जा रहा हैं. अमूमन सिंध प्रान्त वह तीन माह के अंतराल के बाद आता रहता हैं. सूत्रों की माने तो हाफिज की संस्था आम लोगो के लिए सेवार्थ कार्य करने के साथ सरहदी क्षेत्रो में कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाती हैं. इसी के चलते कट्टरपंथियों के निशाने पर सिंध के हिन्दू परिवार आ गए हैं. इनसे परेशान हिन्दू परिवार थार एक्सप्रेस के जरिये पाकिस्तान से भारत पलायन कर रहे हैं. गत दो सालो में सिंध से करीब दस हज़ार से अधिक परिवार राजस्थान के विभिन जिलों में आकर बस चुके हैं.Re-exposure of Resize of DSC00043 (3) (1)

सिंध प्रान्त के सिंधी मुस्लिम जिन्हे मुहाजिर माना जाता है, को मुस्लिम धर्म की मुख्य धरा में शामिल कर उन्हें कटटर पंथ की राह में ले जा रहा हैं हाफिज. उन्हें सिंध के युवाओ को आंतकवादी प्रशिक्षण शिविरो में भी भेज रहा है. सूत्रानुसार हाफिज सईद की संस्था मीठी, छाछरो, सांगड, बहावलपुर, नौकात, गड़रा सिटी, खैपुर, नवाब सिटी, जेकबाबाद, लरकाना, सक्कर, दादु आदि जगहों पर काम कर रहा हैं. सईद करींबी चार दिन से सिंध हैं. सामान्य लोगो की तरह आम जन के साथ घुल मिल रहा हैं और अपनी संस्था द्वारा उपलब्ध कराई जा रही राहत का जायजा ले रहा हैं. सूत्रानुसार हाफिज सिंध के पश्चिमी सीमावर्ती गाँवो में पड़े भीषण अकाल के मद्देनज़र राहत शिविर शुरू करने जा रहा है. सूत्रानुसार हाफिज की संस्था में कचरा संग्रह के दो बड़े कंटेनर ख़रीदे हैं.Resize of Rotation of DSC00004

सिंध प्रान्त में हाफिज खुले आम आंतकी गतिविधियों का हिस्सा नहीं बनता. परदे के पीछे रह कर अपनी कार्य योजना को समाज सेवा के माध्यम से अंजाम तक पहुँचाने का प्रयास में जुटा हैं. हाफिज सईद संस्था के लिए पैसो का इंतज़ाम खुद करता हैं. बहरहाल सिंध प्रान्त में हाफिज का ठहराव होने से पश्चिमी सरहद पर चर्चा अवश्य हैं मगर हाफिज के कारण हाई अलर्ट की स्थिति नहीं हैं. सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों का कहना हैं कि सरहद पर सीमा सुरक्षा बल सदैव हाई अलर्ट रहता हैं. हाफिज के सिंध आने से हमारी सुरक्षा व्यवस्था पर कोई असर नहीं पडेगा.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.