कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

राहुल को लोकसभा में देख सत्ता पक्ष हुआ हैरान..

2
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

सोमवार को विपक्षी दल कांग्रेस ने लोकसभा में महंगाई के मुद्दे पर खूब हंगामा किया. सरकार को ऐसा होने की आशंका पहले से ही थी. लेकिन सत्ता पक्ष हैरान रह गया जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आस्तीन चढ़ाकर विरोध कर रहे अपनी पार्टी के नेताओं के साथ खड़े नजर आए.rahul gandhi

पिछली लोकसभा में बहुत कम सदन में नजर आए राहुल गांधी सोमवार को विरोध के वक्त खड़े हो गए. उनकी पार्टी के सांसद तब सरकार विरोधी नारे लग रहे थे. वह भी अपनी सीट से उठकर आगे आए और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ पहले बेंच के पास खड़े हो गए. हालांकि उन्होंने सदन के बीच में जाकर नारे नहीं लगाए.
44 साल के राहुल गांधी को पिछली लोकसभा में बैक-बेंचर कहा जाता था. इस बार वह विपक्षी दलों की सीटों में तीसरी लाइन में बैठे हैं.

पत्रकारों ने जब बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूड़ी से इस बारे में सवाल पूछे तो उन्होंने कहा. ‘मैं आज थोड़ा हैरान था. विपक्ष में जाने के बाद ही सही. कम से कम राहुल को बोलते तो सुना गया. कुछ लोगों ने देखा. कुछ ने नहीं. लेकिन वह शेम शेम के नारे लगा रहे थे और बहुत आक्रामक थे. पूरे सदन ने देखा कि आज एक नई शुरुआत हुई और राहुल ने ये इसे शेम-शेम से शुरू किया. इस देश के लोग सब देख रहे हैं.’

वैसे कांग्रेस नेताओं ने इस बात का खंडन किया है कि राहुल गांधी ने कोई नारा लगाया या शेम-शेम कहा. जब राहुल गांधी की लोकसभा में हुए हंगामे में भूमिका के बारे में कांग्रेस नेता कमलनाथ से पूछा गया तो उन्होंने कहा. ‘राहुल गांधी विपक्ष के सक्रिय सदस्य हैं.’

Facebook Comments
Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं
Share.

About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. शायद राहुल गांधी समझ गए हैं या समझने को मजबूर हो गए है कि अब कुछ तो करना ही होगा वरना पांच साल में उन पर गर्द जैम जाएगी व लोग भूल जायेंगे कहेंगे कोई राहुल गांधी भी हुए थे , वैसे अच्छा भी है कांग्रेस को भी अब विरोध करना आ जायेगा अन्यथा यही गुमां था कि वह तो राज करने को ही पैदा हुई है अब विपक्ष नेता पद के लिए जिस प्रकार गिड़गिड़ा रही है देख कर हंसी आ रही है

  2. शायद राहुल गांधी समझ गए हैं या समझने को मजबूर हो गए है कि अब कुछ तो करना ही होगा वरना पांच साल में उन पर गर्द जैम जाएगी व लोग भूल जायेंगे कहेंगे कोई राहुल गांधी भी हुए थे , वैसे अच्छा भी है कांग्रेस को भी अब विरोध करना आ जायेगा अन्यथा यही गुमां था कि वह तो राज करने को ही पैदा हुई है अब विपक्ष नेता पद के लिए जिस प्रकार गिड़गिड़ा रही है देख कर हंसी आ रही है

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

%d bloggers like this: