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चोर ने कहा सवा करोड़, सांसद बोले पचास हज़ार

By   /  July 9, 2014  /  2 Comments

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पटना पुलिस ने मंगलवार को एक चोर को गिरफ्तार किया जिसने तथाकथित रूप से भाजपा के सांसद गिरिराज सिंह के घर एक दिन पहले चोरी की है. जांच पड़ताल में जो बात सामने आ रही है वो और भी संदेहास्पद है और पुलिस ने अनचाहे ही सांसद महोदय और उनकी पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है.cash-med

आरोपी दिनेश कुमार, जिसे एक सूटकेस के साथ पकड़ा गया जिसमें 1.14 करोड़ रूपए नगद, 600 अमेरिकी डॉलर, दो सोने की चेन. एक जोड़े कान के बुँदे, एक सोने का लॉकेट, तीन सोने की अंगूठियाँ, 14 चांदी के सिक्के, 7 लक्ज़री घड़ियाँ आदि थे. दिनेश कुमार के अनुसार ये सारा सामान उसने सांसद महोदय के पश्चिमी पटना के  बोरिंग रोड स्थित घर से चोरी किया है.

इसके बाद इस चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाते वक़्त गिरिराज सिंह ने काफी छोटे हिस्से का ज़िक्र किया और कुछ पैसे(लगभग पचास हज़ार) और कुछ गहने चोरी होने की बात कही. हालांकि मंगलवार की देर रात तक सांसद महोदय की तरफ से कोई भी व्यक्ति उस समान को दावा करने नहीं पहुंचा था. सांसद महोदय का फोन भी फ़िलहाल स्विच ऑफ है.

वहीँ दूसरी तरफ, पार्टी ने सिंह का बचाव करते हुए कहा है कि इस मामले की जांच की जाएगी और बरामद किये गये सामान का असली हकदार खोजने की पूरी कोशिश की जाएगी.

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  • Published: 3 years ago on July 9, 2014
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  • Last Modified: July 9, 2014 @ 12:04 pm
  • Filed Under: अपराध

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. देखा मजा ऐसा भी होता है ,रूपये को भी अब समझना होगा कि वह ही सब कुछ नहीं है

  2. देखा मजा ऐसा भी होता है ,रूपये को भी अब समझना होगा कि वह ही सब कुछ नहीं है

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