कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

हज़ार-हज़ार करोड़ ले कर दिखायेंगे अपराधियों को बाहर का रास्ता..

0
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त ख़बरों के अनुसार धोखाधड़ी और दुर्व्यवहारों की सज़ा काट रहे आसाराम और सहारा श्री सुब्रत रॉय,  दोनों की ताकतवर राजनेताओं के साथ गुप्त समझौते करने के लिए बातचीत चल रही है.10507150_512949662170686_6863036774406488179_o

आसाराम और सुब्रत रॉय, जो कि एक लम्बे समय से जेल की हवा खा रहे हैं, ने बचने के लिए भारत से बाहर जाने का रास्ता खोजने में पूरी ताकत झोंक दी है.

इसके लिए वे कानूनी सलाहकारों, बिचौलियों और लौबिस्टों के संपर्क में हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार सुब्रत रॉय के पुत्र सुशांत रॉय और पत्नी स्वप्ना रॉय इस मामले को देख रहे हैं और कई देशों के साथ बातचीत की प्रक्रिया में है जहां उन्हें शरण मिल सके.

वहीं आसाराम से उनके करीबियों के माध्यम से बातचीत चल रही है और वे पश्चिम में किसी देश में शरण ले सकते हैं. इसके लिए दोनों से एक-एक हज़ार करोड़ और संपत्ति की मांग रखी गयी है जिसे पूरा करने के बाद उन्हें देश से बाहर जाने में ढील बरतते हुए अघोषित रूप से बन्धनों से मुक्त कर दिया जायेगा.

गौरतलब है कि आसाराम पर नाबालिग के साथ यौन दुर्व्यवहार का आरोप है और सुब्रत रॉय “सहारा” धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप के चलते एक लम्बे समय से जेल में बंद हैं और तमाम कोशिशों के बावजूद बाहर आने में असफल रहे हैं.

Facebook Comments
Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं
Share.

About Author

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

%d bloggers like this: