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UP में महिला सुरक्षा की कीमत पर लग्ज़री कारें खरीदी..

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महिला सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश के हालात दिन ब दिन बदतर हो रहे हैं, लेकिन शायद सरकार को इससे अधिक चिंता अपनी लग्जरी गाड़ियों की है। सामाजिक कार्यकर्ता उर्वशी शर्मा द्वारा राज्य सरकार से आरटीआई के माध्यम से ली गई जानकारी के मुताबिक सरकार ने पिछले तीन सालों में महिला आयोग के बजट में करीब 85 फीसदी की कटौती की लेकिन इसी दौरान चार लग्जरी गाड़ियां खरीदी।Akhilesh-Yadav-c-m-UP-1

यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के काफिले में अब एंबेसडर कार की जगह चमचमाती मर्सिडीज और लैंडक्रूजर एसयूवी नजर आएगी। यूपी सरकार ने मुख्यमंत्री के काफिले के लिए 2 मर्सिडीज और 2 लैंडक्रूजर एसयूवी खरीदने का फैसला लिया है। इन गाड़ियों की खरीद की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। सरकार का तर्क है कि सुरक्षा के लिहाज से मर्सिडीज और लैंडक्रूजर गाड़ियां एंबेसडर के मुकाबले बेहतर हैं।

वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकारी खजाने से महंगी गाड़ियां खरीदने के लिए राज्य सरकार ने राज्य महिला आयोग का बजट 85 फीसदी तक घटा दिया है। इससे पहले राज्य सरकार के सभी मंत्रियों के लिए एंबेसडर की जगह इनोवा कार खरीदने का फैसला लिया था।

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About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. इन गाड़ियों में बैठ सरकार महिलाओं की सुरक्षा करेगी क्योंकि अखिलेश सरकार महिलाओं के प्रति बहुत संवेदन शील है , जैसा कि प्रति दिन हम देख सुन रहे हैं , नेताजी से लेकर हर मंत्री तक प्रत्येक बहुत ही जिम्मेदारी से यह कार्य कर रहा है , इसलिए इसे सकारात्मक सोच के साथ देखें

  2. यही होगा अगर सरकार बिना किसी नीति के बनेगी. मैं पूछता हूँ कि समाजवादी सरकार की नीति क्या है? वह किस नीति पर चलती है? जिसके मुखिया मुलायम सिंह यादव बलात्कार पर कहता हो, “लडके हैं लड़को से गलती हो जाती है” और जिसके मंत्री यह कहता हो “बलत्कार के शिकार को भी सजा मिले” उससे और कुछ ज्यादा आशा नहीं किया जा सकता है.
    समाजवादी रासकर की एक ही नीति है गुंडागर्दी और जातिवाद.
    इससे निपटने के लिए समाजवादी जातियों के खिलाफ एकजुट होना पड़ेगा.

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